Physics in hindi – भौतिक विज्ञान

आपने कभी ना कभी भौतिक विज्ञान (physics in hindi) के बारे में जरूर पढ़ा होगा। खास करके स्कूल में।

लेकिन आप भौतिक विज्ञान के बारे में जितना जानते है वो तो उसका 1 प्रतिशत भी नहीं है।

इसके अंदर ऐसी अद्भुत चीजें आयी हुई है जो किसी जादू से कम नहीं है।

चलिये जानते है भौतिक विज्ञान की इस दुनिया को।

What is physics in hindi, भौतिक विज्ञान

भौतिक विज्ञान क्या है – what is physics in hindi

प्रकृति और ब्रह्मांड कैसे काम करता है उसे समझना ही भौतिक विज्ञान कहते है।

आपको लगता होगा की यह एक विज्ञान विषय है और सिर्फ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ही उपयोग होता है। लेकिन असल में आप भौतिक विज्ञान से घेरे हुए हो।

आप के घर में रहे छोटे मोटे साधन भौतिकी की देन है। साथ ही घर में रही सारी इलेक्ट्रिक चीजे भी आधुनिक भौतिक विज्ञान द्वारा ही संभव हो पाई है।

आपके ऊपर रहे पंखे का गोल घूमना इसमें भी Physics के नियम काम करते है।

जब आप गेंद को उपर उछालते हो तब वो गुरुत्वाकर्षण बल के चलते नीचे आती है। इस घटना को फिजिक्स के जरिये समजा जा सकता है।

कम शब्दों में कहु तो, हम भौतिक विज्ञान से घिरे हुए है।

अब थोड़ा गहराई में जाते है।

Meaning of Physics in hindi

Physics यह शब्द ग्रीक शब्द phusika पर से लिया गया है, जिसका अर्थ प्रकृति होता है।

इस तरह प्रकृति के अभ्यास को समझने के लिए physics शब्द को लाया गया है, जिसका आज के समय में हिंदी अर्थ (Meaning of Physics in hindi) भौतिक विज्ञान या भौतिक शास्त्र या भौतिकी होता है।

भौतिक विज्ञान की परिभाषा – definition of physics in hindi

भौतिक विज्ञान की परिभाषा (definition of physics in hindi) यह है।

पदार्थ तथा ऊर्जा और उसके बीच की परस्पर प्रक्रिया को समझना भौतिक विज्ञान कहलाता है।

थोडे साफ़ शब्दो में समझते है।

ब्रह्मांड में दो तरह के स्वरूप मौजूद है।

जिनमे पहला है पदार्थ

धूल, पत्थर, पृथ्वी और यहाँ तक की हम सब पदार्थ स्वरूप है।

दूसरा है ऊर्जा

प्रकाश, रेडिएशन और सूर्य की किरणें यह सब ऊर्जा का स्वरूप है।

यह दोनों ही प्रकृति का भाग है, जिसे समझने से हम प्रकृति को समझ सकते है।

अब थोड़ा आगे बढ़ते है और कूदते है भौतिक विज्ञान की असल दुनिया में।

Quantity and unit – भौतिक राशि और मात्रक

राशि वो वस्तु है जो किसी पदार्थ की मात्रा बताती है।

अंतर, तापमान, वजन, बल, गति, प्रवेग और समय। ऐसी कई राशि है। जिनमे से कुछ मुलभुत है और कुछ दूसरी राशि पर से निर्माण हुई है।

अगर आप अपने घर से लेकर अपने मित्र के घर तक के अंतर को नापना चाहते है तो मीटर का उपयोग करेंगे। जो की अंतर नामक राशि का एकम है।

वही दूसरी और समय को नापने के लिए आप मिनिट का उपयोग करेंगे।

कभी ऐसा नही होगा की आप अंतर नापने के लिए समय का उपयोग करे या समय नापने के लिए मीटर।

इसी तरह राशि अपना काम करती है। कुछ ऐसी भी राशि है जो दो राशि से मिलकर बनी है।

जैसे की गति,

जो अंतर और समय से मिलकर बनी है।

आपने 120 मीटर अंतर काटने के लिए 60 मिनिट का समय लिया है तो आपकी गति 2 मीटर प्रति सेकंड होगी।

इसी तरह भौतिकी की दुनिया में कई राशि और उसके एकम मौजूद है।

अब बारी है भौतिक विज्ञान के इतिहास की, जो बहुत ज्यादा रोमांचक है।

भौतिक विज्ञान का इतिहास – history of physics

17वी सदी में आइज़क न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की। जिसने भौतिक विज्ञान के इतिहास (history of physics) को एक नई दिशा बताई।

20वी सदी के आते आते भौतिक विज्ञान बहोत ज्यादा विकसित हो गया, फिर 1905 -1916 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी दी।

इस थ्योरी से कई चीजें समझने में मदद मिली। अब वैज्ञानिकों को लगने लगा की फिजिक्स में अब समझने के लिए ज्यादा कुछ बचा नही है।

लेकिन तभी जन्म हुआ क्वांटम फिजिक्स का।

इसने बताया कि पदार्थ की सबसे छोटी चीज परमाणु नही बल्कि उसमे रहे सूक्ष्म कण इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन होते है।

जब इसका अध्ययन किया गया तो मालूम हुआ की यहां पर सामान्य भौतिक विज्ञान (physics in hindi) के नियम काम नहीं करते। इसलिए एक नई थ्योरी सामने रखी गयी quantum field theory

जो इस सूक्ष्म स्तर को समझने में मदद करती है।

न्यूटन के समय से लेकर आइन्स्टाइन के समय तक के फिजिक्स को classic Physics कहा जाता है। क्योकि यह सिर्फ स्थूल चीजों पर ही लागू होता है।

दूसरी और, सूक्ष्म स्तर पर कार्य करते फिजिक्स को quantum physics कहा जाता है। आज के समय में इसे modern physics भी कहते है।

अब जानते है है कुछ खास।

भौतिक विज्ञान की शाखाएं – branches of physics

जैसे जैसे भौतिक विज्ञान विकसित होता गया उसकी  कई शाखाएं बनती गयी।

17वी सदी में भौतिकी दूसरे मूलभूत विषय जैसे की गणित और रसायन शास्त्र से अलग हुआ। फिर 20वी सदी में उसकी मूल शाखाएं बनी।

फिर जैसे जैसे भौतिक विज्ञान आगे बढ़ता गया उसकी कई शाखाए बनने लगी और आज के समय में यह शाखाएं भी कई भागों में बंट चुकी है।

इनमे से कुछ खास यह है।

यांत्रिकी – Mechanics

यह भौतिक विज्ञान की सामान्य शाखा है, जिसके अंदर  गति और बल का अध्ययन किया जाता है।

इसे दो भागों में बांटा गया है।

Classic mechanics

स्थूल वस्तु जैसे की पत्थर, धूल और पृथ्वी की गति के अभ्यास इस भाग में होता है।

Quantum physics

सूक्ष्म कण जैसे की इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन की गतिविधि का अभ्यास इस भाग में होता है।

यह सूक्ष्म स्तर होता है, इसके लिए नियम अलग होते है।

Nuclear physics – नाभिकीय भौतिकी

फिजिक्स की इस शाखा में परमाणु का केंद्र जिसे नाभिक कहा जाता है उस पर और उसमे से निकलने वाले रेडिएशन पर अभ्यास किया जाता है।

नाभिकीय भौतिकी - nuclear physics

नाभिक के केंद्र में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन कण आये हुए होते है। जो Strong nuclear force के जरिये एक दूसरे को अपनी और आकर्षित करते है।

यह बल weak nuclear force से 10,00,000 ज्यादा शक्तिशाली होता है।

किसी कुदरती या कुत्रिम घटना के चलते नाभिक के अंदर रहे कण कई बार अस्थिर हो जाते है। जिससे नाभिक स्थिर होने के लिये अपने अंदर के कण को रेडिएशन के रूप में छोड़ता है।

नाभिक से निकलने वाली यह ऊर्जा बहुत शक्तिशाली होती है। आज के समय में उपयोग होने वाले nuclear weapons इसकी देन है।

अब आते है अगले भाग पर।

परमाणु भौतिकी – atomic physics

परमाणु भौतिकी में संपूर्ण परमाणु का अध्ययन किया जाता है, जिसमे नाभिक और उसके आसपास घूम रहे इलेक्ट्रॉन का समावेश होता है।

परमाणु भौतिकी - atomic physics

भौतिक विज्ञान की इस शाखा में खास करके की नाभिक के आसपास बनी इलेक्ट्रॉन की व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।

इलेक्ट्रॉन और नाभिक में रहे प्रोटॉन के बीच लगने वाले बल को weak nuclear force कहा जाता है।

20वी सदी की यह एक महान खोज थी, क्योकि इससे पहले लोगो को लगता था कि ब्रह्मांड की सबसे छोटी चीज परमाणु है। जो की गलत साबित हुआ।

वैसे तो विज्ञान का उपयोग मानव जीवन को सरल बनाने के लिये किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग दवाएं और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की तुलना में हथियार बनाने के लिए ज्यादा किया जाता है।

आपने परमाणु बम के बारे में ना सुना हो ऐसा हो ही नही सकता, जो इसकी देन है।

अब अगली शाखा पर।

कण भौतिकी – particle physics

यह फिजिक्स (Physics in hindi) का एक कठिन विषय है।

परमाणु के अंदर रहे सूक्ष्म कण जैसे की इलेक्ट्रान, प्रोटोन और न्यूट्रॉन का अभ्यास इसी शाखा में किया जाता है।

Particle physics - कण भौतिकी

इसके साथ पदार्थ और ऊर्जा के बीच होने वाले परस्पर प्रक्रिया पर भी अभ्यास किया जाता है।

आज के समय में हमारे पास पदार्थ के 12 अलग अलग सूक्ष्म कण है। इनमे से कुछ कण स्थिर नही होते, इसीलिये इन्हें high energy देकर बनाना पड़ता है।

यह वजह है कि कण भौतिकी को high energy physics भी कहा जाता है।

यह सूक्ष्म कण भी quarks नाम के कण से बने होते है।

Quarks 6 प्रकार के होते है।

up, down, top, bottom, charm, strange

यह बहुत ही सूक्ष्म स्तर होता है, जहां हमारी दुनिया के सामान्य नियम काम नहीं करते। इस दुनिया के नियम के लिए quantum field theory को सामने रखा गया है, जो इन कणों को समझने में मदद करती है।

प्रकाशकी – optics

भौतिक विज्ञान की इस शाखा में प्रकाश के गुणधर्म और उसके व्यवहार के साथ पदार्थ के साथ होने वाली प्रक्रिया का भी अध्ययन किया जाता है।

optics - प्रकाशकी

Optics में Visible, ultraviolet और Infrared किरणों पर रिसर्च की जाती है। यह किरणे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंग के रूप में होती है।

साथ ही दूसरे स्वरूप  X ray, microwave और radiowave भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन तरंग के रूप में हो होती है। उसका भी अध्ययन होता है।

आज के समय में उपयोग होने वाला कैमरा और इंटरनेट भौतिकी के इसी शाखा की देन है।

Thermodynamics – उष्मागतिकी 

यह फिजिक्स की वह शाखा है जिसमे ऊष्मा, तापमान और कार्य का अभ्यास किया जाता है।

साथ ही पदार्थ और ऊर्जा किस तरह से इनके साथ प्रतिक्रिया करती है उसका भी अध्ययन किया जाता है।

इसके तीन नियम है।

  1. ऊर्जा को ना बनाया जाता है ना ही उसे नष्ट किया जाता है। ऊर्जा हमेशा स्थिर रहती है।
  2. ऊष्मा हमेशा उच्च तापमान से निम्न तापमान की तरफ ही बहती है।
  3. परम शून्य तापमान पर अणुओं की हलचल बंद हो जाती है।

अब आते है आखरी विषय पर।

Astrophysics – खगोल विज्ञान

इस विभाग में ब्रह्मांड का अभ्यास किया जाता है।

आकाशगंगा, ग्रह, तारे और बहुत कुछ।

अभी कुछ समय पहले तक यह माना जाता था हमारी आकाशगंगा मिल्की वे ही पूरा ब्रह्मांड है। लेकिन टेलिस्कोप के जरिये किये गए एक तारे के अभ्यास से यह पता चला कि जिसे हम ब्रह्मांड समज रहे थे वो तो ब्रह्मांड का एक छोटा सा हिस्सा है।

आज के समय में हम चंद्रमा और मंगल ग्रह पर पहुँच गये है, जिसका श्रेय भौतिकी को ही जाता है।

तो बस यह थी कुछ जानकारी भौतिक विज्ञान (physics in hindi) के बारे में। अगर आपको कुछ रोमांचक पढ़ना है तो यह लेख जरूर देखे।

👉 क्वांटम फिजिक्स के 5 रहस्य (सरल भाषा में)

 

4 thoughts on “Physics in hindi – भौतिक विज्ञान”

  1. Sir aap bahut hi acchi knowledge dete hain maine aapke sabhi articles read kar liye hain to next article kab aayega Main wait kar rha hu par wait nhi ho rha hai

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