Big bang in hindi

हमारे ब्रह्मांड का जन्म कैसे हुआ यह महा विस्फोटक के सिद्धांत (big bang theory in hindi) द्रारा पता चलता है, जिसके मुताबिक हमारे ब्रह्माण्ड की उत्तपती एक छोटे से बिंदु से से हुई थी।

चलिये यह विस्तार से समझते है।

Big bang in hindi

आज हम जिस ब्रह्मांड को देख रहे है वो हमेशा से ऐसा नही था। इसकी शरूआत आज से लगभग 14 अरब साल पूर्व एक छोटे से कण से हुई थी। यह कण एक इलेक्ट्रान प्रोटोन और यहा तक की क्वार्क से भी छोटा था।

इस बिंदु के अंदर अंनत द्र्व्यमान और ऊर्जा समायी हुई थी। इस समय ब्रह्मांड में कुछ भी नही था, कुछ भी नही का मतलब कुछ भी नही।

यहाँ तक की वो खाली जगह भी नही थी जिसमे आज ब्रह्मांड बना है।

पर फिर अचानक उस बिंदु में एक बड़ा धमाका हुआ और उसमे से ऊर्जा फैलने लगी। इसी धमाके के साथ समय और अंतरिक्ष अस्तित्व में आये।

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जब यह धमाका हुआ तब तापमान इतना गर्म था कि उस समय ब्रह्मांड में सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा ही थी।

लेकिन 10^-24 सेकंड के अंदर ही यह ऊर्जा ठंडी होने लगी, इससे सूक्ष्म कण जैसे की क्वार्कस अस्तित्व में आने लगे।

इस समय ब्रह्मांड के चारो और अँधेरा ही अँधेरा था। क्योकि प्रकाश को बनानै वाले सूक्ष्म कण फोटॉन का भी अस्तित्व नही था। इस समय को महा विस्फोटक के सिद्धांत में dark ages कहा गया है।

फिर धीरे धीरे ब्रह्मांड का तापमान ठंडा होता गया और छोटे स्तर के कण इलेक्ट्रान और प्रोटोन बनने लगे।

इन सूक्ष्म कणो ने मिलकर हायड्रोजन और हीलियम तत्वों का निर्माण किया।

लगभग 4,000 लाख साल बाद इन्ही तत्वों से मिलकर पहला तारा अस्तित्व में आया। फिर जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे कई तारे बनने लगे।

फिर इन्ही तारो के समूह से आकाशगंगाओ का जन्म हुआ, उसीमे से एक थी हमारी आकाशगंगा मिल्की वे

इन्ही आकाशगंगा के अंदर रहे एक विशाल बादल में से हमारे सौरमंडल का निर्माण हुआ। जिनमे सूर्य और बाकि के 8 ग्रहो की रचना हुई।

यह जी मैंने आपको बात बताई वो पूरी तरह से एक थियरी जिसे बिग बैंग थ्योरी कहा गया है उसी के द्रारा साबित होती है।

big bang theory in hindi – महा विस्फोटक का सिद्धांत

आज के समय में हमारा यह ब्रह्मांड फ़ैल रहा है लेकिन यह बात हम हमेशा से नही जानते थे।

1920 के दशक में एडविन हबल अंतरिक्ष का अध्ययन कर रहे थे। उन्होंने देखा की दो आकाशगंगाए एक दूसरे से दूर जा रही है। इससे उन्होंने अनुमान लगाया कि ब्रह्मांड फ़ैल रहा है।

इसके बाद George Lemaître नाम के भौतिक विज्ञानी ने हबल के द्रारा मिली जानकारी और आइन्स्टाइन के सामान्य सापेक्षवाद का सिद्धांत का उपयोग करके एक नया समीकरण सामने रखा।

जो ब्रह्मांड का भुतकाल बताता था। इसके मुताबिक अगर आज के समय हमारा ब्रह्मांड फ़ैल रहा है तो भुतकाल में सारे तारे, आकाशगंगाएं और ब्रह्मांड की सारी चीजे एक दूसरे के नजदिक रही होगी।

और अगर हम लगभग 14 अरब साल पीछे जाये तो दिखेगा की सारा ब्रह्मांड एक छोटे से बिंदु में कैद था। जिसे singularity कहा जाता है।

यह केंद्र एक कण से भी छोटा था लेकिन इसके अंदर अनंत ऊर्जा समायी हुई थी।

ब्रह्मांड का विस्तार होने के एक सेकंड बाद जब इलेक्ट्रोन और प्रोटोन जैसे कण अस्तित्व में आये उस समय कुछ कण ने मिलकर तत्वों का निर्माण किया लेकिन कुछ कण अंतरिक्ष में अपनी ऊर्जा रेडियेशन के माध्यम से छोड़ने लगे।

यह रेडियेशन कई मात्रा में था, जो की आज भी मौजूद है इसे आज cosmic microwave background कहा जाता है।

1990 के दशक में नासा ने यह रेडियेशन के अभ्यास के लिए दो मिशन लौन्च किये थे उन्ही में से एक था Wilkinson Microware Anisotropy Probe. इसने पुरे ब्रह्मांड में फैले रेडिएशन का एक नक्शा बनाया।

जिसके अंदर लाल रंग गर्म भाग को और ब्लू रंग ठंडे भाग को दर्शाता है। यह रेडिएशन ब्रह्मांड के बनने के बाद 4,00,000 लाख साल बाद का है।

Big bang in hindi

आपने अब तक जो जाना वो सिर्फ एक थियरी है। बिग बैंग थ्योरी।

क्योकि अभी हमारे पास ऐसे साधन नही है की समय में इतने पीछे जाए और देखे की असल में क्या हुआ था। इसीलिए हम पक्के तौर पर यह नही कह सकते की हमारे ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई थी।

पर यह बिग बैंग थ्योरी वैज्ञानिको के द्रारा ज्यादा स्वीकारी गयी है। साथ ही यह हमारे कई सवालों के जवाव देती है जिससे यह धारणा सही दिखाई पड़ती है।

पर फिर भी यह थियरी पूरी तरह से स्वीकार नही की जा रही है क्योंकि अभी भी कुछ सवाल है जो हमे नही मिले है।

जैसे की,

यह थियरी हमे उस बिंदु तक ही बताती है कि क्या हुआ था। जिसे हम singularity कहते है। लेकिन उसके पहले क्या था यह हम अभी तक नही जानते।

दूसरा सवाल यह की क्यों महा विस्फोटक के पहले समय और अंतरिक्ष अस्तित्व में नही थे।

Dark energy and dark matter in hindi

पहले बिग बैंग थ्योरी के मुताबिक जब महा विस्फोटक हुआ तब उसमे से ऊर्जा, सामान्य पदार्थ , एंटीमैटर और रेडिएशन ही निकले थे।

लेकिन 1920 में आकाशगंगाओ की गतिविधि जांचने पर मालूम पड़ा की अंतरिक्ष में जितना द्र्व्यमान होना चाहिए उससे कई ज्यादा होना चाहिए।

पर ऐसा कुछ हमे दिखाई नही दे रहा था इसीलिए उस अद्रश्य चीज को डार्क मैटर नाम दिया गया।

1990 के दशक में एक सुपरनोवा के अभ्यास से यह बात पता चली की हमारा ब्रह्मांड सिर्फ फ़ैल नही रहा है बल्कि उसकी फैलने की गति भी बढ़ रही है।

बिग बैंग थ्योरी के मुताबिक ब्रह्मांड फैलना तो शुरू हुआ था पर गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से इसकी गति को धीमा हो जाना चाहिए था।

पर उल्टा यह बढ़ रहा था। जो की किसी रहस्य से कम नही था, पर इसके बारे में हमे कोई जानकारी नही थी इसीलिये इसे डार्क एनर्जी का नाम दे दिया गया।

हमारी पृथ्वी गेलेक्सि तारे सब कुछ जो हम अपने आसपास देखते है वो सामान्य मैटर से बना हुआ है जिसकी मात्रा ब्रह्मांड में 4% है बाकी का 27% डार्क मैटर और 69% डार्क एनर्जी से भरा पड़ा है।

Fact: ब्रह्मांड के बनने के पहले सेकंड में उसका तापमान 5.5 अरब ℃ था।

तो बस यह थी कुछ जानकारी बिग बैंग थ्योरी (big bang theory in hindi ) के बारे में। अगर आपको ब्रह्मांड के बारे में ऐसा ही रोमांचक जानना है तो आप यह लेख पढ़ सकते हो।

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