About Moon in hindi

चंद्रमा (moon in hindi) पृथ्वी का एकमात्र कुदरती उपग्रह तो है पर साथ ही हमारे सौरमंडल और पृथ्वी का एक महत्वपूर्ण भाग भी।

पृथ्वी के बाद चाँद ब्रह्मांड एक ऐसा खगोलीय पिंड है जिस पर इंसानो ने सबसे ज्यादा खोज बिन की है। इन संशोधन से हमे कई जानकारी प्राप्त हुई है।

तो इसी लेख में हम यही जानेंगे क्या जानकारी प्राप्त हुई है।

चाँद(moon) के बारे में जानने से पहले जानते है कि इस शब्द का अर्थ क्या होता हैं।

moon meaning in hindi

Moon शब्द पुरानी अंग्रेजी भाषा mona पर से आया है। अगर अभी की बात करे तो moon meaning in hindi चंद्रमा होता है।

हिन्दू संस्कृति में चंद्रमा को भगवान का दर्जा दिया गया है।

Moon in hindi – चंद्रमा के बारे में

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चंद्रमा(moon in hindi) हमारी पृथ्वी का एक मात्र कुदरती उपग्रह है। हम उपग्रह उसे कहते है जो ग्रह के चारो अपनी कक्षा में घूमता हो।

हमारे सौर मंडल में लगभग 200 जितने उपग्रह आये हुए है। जिनमे अलग अलग ग्रहो के पास अलग अलग संख्या में उपग्रह है।

जैसे शनि के पास 82 उपग्रह है और मंगल के पास सिर्फ 2.

अगर आपको यह सुनकर थोड़ा बुरा लगा हो की हमारी पृथ्वी के पास सिर्फ एक ही उपग्रह है, तो आपको बुध ग्रह के बारे में जानना चाहिए, जिसके पास एक भी अपना चाँद नही है।

बल्कि वो खुद हमारे moon के आकार का है।

इन 200 उपग्रहों में से ज्यादातर सामान्य है पर कुछ ऐसे है जो सौरमंडल को बेहत खास बनाते है।

इनमे आते है गुरु ग्रह का सबसे बड़ा चाँद गेनीमेड, शनि का टाइटन उपग्रह और हमारा एक लौता चंद्रमा।

चाँद कैसे बना – formation of moon in hindi

आज से लगभग 95 मिलियन (साडे नौ करोड) साल पहले एक Theia नाम का खगोलीय पिंड पृथ्वी से टकराया था।

उसी समय पृथ्वी का कुछ हिस्सा टूट कर गिर गया और इसी में से चंद्रमा बना।

यह बात इससे साबित होती है कि चाँद पर से लाये गये कुछ पथ्थरों की बनावट और पृथ्वी पर रहे पथ्थरों में ज्यादा समानताएं देखने को मिलती है।

अभी साल 2015 में कंप्यूटर तकनीक मदद से सौरमंडल की बनावट के ऊपर रिसर्च चल रही थी जिसमे एक simulation बनाया गया था।

उस simulation की माने तो इस बात में कोई शक नही की चंद्रमा(moon in hindi) पृथ्वी में से ही बना था।।

वैसे कोई निश्चित नही है कि यह कैसे बना था, लेकिन मैंने जो थियरी ऊपर बताई वह सबसे ज्यादा सटीक बैठती है।

कुछ और थियरी की माने तो पृथ्वी ने चंद्रमा को शुक्र ग्रह से चुराया था। लेकिन यह संभावना बहोत कम है।

चंद्रमा की कक्षा – orbit of moon in hindi

जैसे हमारी पृथ्वी सूर्य के चारो और घूम रही है वैसे ही चंद्रमा भी हमारे चारों और घूम रहा है। उसके एक परिक्रमण का समय 27.5 दिन है।

यह इतना ही समय खुद की धरी पर घूमने में भी लगता है।

चांद हमारी पृथ्वी के साथ tidily locked है। मतलब की पृथ्वी के सामने उसका एक भाग रहता है, और एक दूसरी और।

जो भाग सामने रहता है उसे near side और इसके विरुद्ध के भाग को far side कहा जाता है।

जहाँ हमारी पृथ्वी अंतरिक्ष में 23° तक जुकी जुई है वहाँ चाँद(moon) का जुकाव 1.5° ही है। इसी वजह स वहा पर आपको धरती की तरह बदलते मौसम देखने नही मिलेंगे।

चंद्र ग्रहण – lunar eclipse

हमारी पृथ्वी सूर्य के चारो और घूमती है और चंद्रमा हमारी पृथ्वी के चारो और।

इसी वजह से कभी कभी ऐसी परिस्थति आती है की सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक रेखा में आते है।

जब पृथ्वी सूर्य और चाँद के बीच आती है तब चाँद पर सूर्य का प्रकाश नही पड़ता, इसी वजह से चाँद पर अँधेरा छा जाता है और इसी घटना को चंद्र ग्रहण (lunar eclipse) कहते है।

लेकिन जब चंद्रमा(moon in hindi) पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तब पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश नही आता और इसी वजह से पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन के समय भी अँधेरा छा जाता है।

लेकिन कुछ हिस्सो में ही क्यों?

क्योकि चंद्रमा का आकार पृथ्वी से छोटा है, इसी वजह से कुछ ही भाग ढंकता है और बाकी का वैसा ही रहता है।

आखरी बार संपूर्ण अमेरिका में साल 2017 में सूर्य ग्रहण देखने को मिला था, अब यह स्थिति 2024 में फिर देखने को मिलेगी।

चंद्रमा का वायुमंडल – atmosphere of moon

अभी कुछ साल पहले तक यही माना जाता था कि चाँद के पास वायुमंडल नही है। लेकिन अभी की रिसर्च के दौरान पानी की खोज से अनुमान लगाया जा रहा है कि चांद(moon) के पास अपना एक बेहत पतला वायुमंडल है।

लेकिन यह वायुमंडल होने या ना होने से कोई फर्क नही पड़ता, क्योकि हम चंद्रमा पर कई बार पहुंच चुके है और ढेरों रिसर्च की गयी है, लेकिन कभी वायुमंडल के बारे में पता नही चला।

इससे आप समझ सकते है कि यह कितना पतला स्तर है।

जहा पृथ्वी में कोई उल्कापिंड प्रवेश करते ही वायुमंडल की वजह से जलकर राख हो जाते है, वहा चाँद पर पड़ने वाले उल्कापिंड को रोकने वाला कोई नही है।

इसी वजह है कि बहोत समय पहले चाँद ऐसे उल्कापिंड का शिकार हुआ था और आज भी आप देखेंगे तो सतह पर आपको कई बड़े गढ्ढे मिलेंगे।

सिर्फ यही एक घटना नही है जो वायुमंडल के ना होने की वजह स देखने मिलती हो।

चाँद(moon in hindi) की सतह जो की सूर्य की तरफ होती है उसका तापमान 134℃ तक ही रहता है और बाकि बची अँधेरी सतह पर -153℃ तक चला जाता है।

क्योकि वायुमंडल नही है तो सूर्य की गर्मी चाँद पर ना रहकर अंतरिक्ष में चली जाती है।और इसी वजह से तापमान इतना कम रहता है।

Moon mission in hindi

पिछले कुछ सालों से विज्ञान अंतरिक्ष के क्षेत्र में बहोत तरक्की कर रहा है और इसमें चंद्रमा का नाम सबसे पहले आता है। अब तक कई सारे मिशन चंद्रमा पर किये गए है और इनमे कुछ मानव भी थे।

वैसे वो घटना कोई कैसे भूल सकता है कि neil Armstrong ने पहली बार चाँद पर अपना पैर रखा था। यह एक विस्मयकारी सफलता थी, जिसमे कोई इंसान दूसरे ग्रह पर उतरा हो।

पर जानने को सिर्फ यही नही है बहोत सारे मिशन हुए है।

साल 1959 में रूस द्रारा पहला चाँद(moon) पर मिशन किया गया था, जिसने चंद्रमा की कुछ तस्वीरें ली लेकिन वो जमीन पर लैंड नही हुआ था।

साल 1969 में nasa के द्रारा apollo 11 चाँद पर उतर था और उसमें रहे अंतरिक्ष यात्री पहले इंसान थे जो चाँद पर उतरे थे।

यह दो लोग थे जो जिन्होंने चंद्रमा पर अपना पहला कदम रखा था, इसीमे सबसे प्रख्यात नाम neil Armstrong का है।

फिर अमेरिका द्रारा कई और मिशन किये गए जिसमे वापसी के दौरान 382 किलोग्राम चाँद(moon in hindi) के अलग अलग पत्थरो को लाया गया था।

साल 2008 के दौरान भारत ने भी अपना एक अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 को भेजा था लेकिन कुछ तकनीकी खराबी की वजह से यान के साथ का संपर्क टूट गया, पर नासा की मदद से साल 2017 में इस यान की स्थति को ढूंढ लिया गया।

अभी कुछ समय पहले ही isro द्रारा चंद्रयान -2 को लांच किया गया था। यह यान चाँद की ऐसी जगह पर उतरने वाला था, जहा पहले कभी कोई यान नही गया था। पर अंत में जाकर इसके साथ संपर्क टूट गया।

लेकिन अभी भी isro एक बार और चंद्रमा पर मिशन करेगा जिसे चंद्रयान-3 नाम दिया गया है, यह पहले के मुकाबले ज्यादा शक्तिशाली यान होने वाला है।

frequently asked questions

अब बारी है कुछ ऐसे सवाल-जवाब की जो ज्यादातर पूछे जाते है।

पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी कितनी है?

पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 384,400 km है।

यह औसतन दुरी है। जब चंद्रमा(moon) पृथ्वी के सबसे नजदीक आता है तब दुरी 3,56,400 km होती है।

और जब सबसे दूर होता है तब दुरी 4,04,000 km होती है।

पृथ्वी से चंद्रमा कितना बड़ा है?

यह सवाल ही गलत है।

क्योकि असल में पृथ्वी चंद्रमा से बड़ी है। जहाँ पृथ्वी की त्रिज्या 6,400 km है वहाँ चंद्रमा की त्रिज्या सिर्फ 1,737 km ही है।

सूर्य से चंद्रमा की दूरी कितनी है?

सूर्य से चंद्रमा की दूरी 14.7 करोड़ किलोमीटर है।

अंतरिक्ष में खगोलीय पिंडो की दुरी बहोत ज्यादा होती है, इसीलिए प्रकाश वर्ष का उपयोग होता है, लेकिन हमारा सौरमंडल इतना भी बड़ा नही है कि हम यह एकम का उपयोग करे।

इसी लिए एक नए एकम astronomical unit (AU) को लाया गया है। सूर्य और पृथ्वी के अंतर की दुरी को 1 AU कहा जाता है।

इस एकम में सूर्य से चंद्रमा की दूरी 0.98 है।

चंद्रमा से पृथ्वी कैसी दिखती है?

कम शब्दों में “बहोत सुंदर”

चंद्रमा(moon in hindi) एक लौती ऐसी जगह है जहाँ से आप पृथ्वी को घूमता देख सकते हो, क्योकि यह पृथ्वी के साथ tidily locked है।

यह बात विस्तार से मैंने पहले ही बता दी है।

चन्द्रमा का प्रकाश पृथ्वी पर कितने समय में पहुंचता है?

चन्द्रमा का प्रकाश पृथ्वी पर पहुँचने में 1.3 सेकंड जितना समय लेता है।

पर यह प्रकाश उसका स्वयं का नही होता, यह सूर्य द्रारा परावर्तित होता है।

चाँद पर पानी की खोज – moon water

अभी के समय हमें चंद्रमा पर पानी के कोई स्त्रोत नही मिले है और बहोत कम संभावना है की चाँद(moon) पर पानी हो।

क्योकि पतले वायुमंडल की वजह से पानी सतह पर नही रह सकता।

साल 2008 के आसपास isro ने चंद्रमा पर पानी के कणो की खोज की थी। लेकिन यह कण पूरी तरह से पानी के थे या नही वो उस वक्त पता नही लगा था।

फिर कुछ रिसर्च से मालूम हुआ की यह हायड्रोजन ऑक्सिड (HO) था, जब की पानी का अणु बंधारण (H2O) है।

लेकिन अभी कुछ समय पहले nasa के sofia द्रारा चाँद की सतह पर पानी की खोज की है।

लेकिन यह बहोत कम मात्रा में मिला है, जो चंद्रमा की सतह पर रही मिट्टी के अंदर था। अब सवाल यह उठता है कि यह पानी आया कहा से।

तो बस यह थी कुछ जानकारी हमारे प्यारे चंद्रमा (moon in hindi) के बारे में। अब आपकी बारी है यह बताने की यह लेख कैसा लगा।

अगर आप कुछ रोमांचक पढ़ना चाहते हो तो में आपको सुजाव दूंगा की आप सौरमंडल का यह लेख देखिये जिसमे पूरे सौरमंडल को दिखाया गया है।

👉 सौरमंडल की पूरी जानकारी

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