प्रकाश से भी तेज कण – tachyon

20वी सदी में कई अद्भुत खोजे हुई है और इसमें से एक है टेकयोन (tachyon in hindi). एक ऐसे कण जो विज्ञान के नियमो को तोड़ते है, और असंभव को भी संभव बनाते है।

लेकिन इस कण में ऐसा क्या है जो दूसरों में नही।

इसके जवाब के लिए एक और सवाल। हमारे इस ब्रह्मांड में सबसे तेज गति किसकी है।

बहोत कम संभावना है कि आपको इस सवाल का जवाब ना पता हो। क्योकि वो प्रकाश ही है जिसकी गति ब्रह्मांड में सबसे तेज है। और यह बात खुद आइन्स्टाइन ने कही थी। उसके मुताबिक प्रकाश से तेज गति इस ब्रह्मांड में संभव ही नही है। लेकिन यह tachyon particle ऐसे कण है जो प्रकाश से भी तेज (Faster than light travel) गति करते है।

पर कैसे, फ़िलहाल इसका जवाब तो नही मिला है क्योंकि यह अभी एक काल्पनिक कण ही है जो अभी तक कही पर खोजे नही गये है बस किताबो तक ही सीमित है।

लेकिन सिर्फ ऐसे ही किसी चिज की कल्पना करना और उस पर यकीन करना तो फालतू है। लेकिन असल में टेकयोन कण किसी के मन की कल्पना नही बल्कि कुछ सिद्धांत द्रारा जन्मे है जो खुद के अस्तित्व को दिखाते है।

What is tachyon in hindi

अगर इस तरह के कण अस्तित्व में है। तो विज्ञान के कई नियम टूटने वाले है साथ ही पूरा भौतिक वीज्ञान पलट जाएगा।

चलिये जानते है कि अगर इस तरह के कण होते है तो क्या होगा। लेकिन उससे पहले इस शब्द tachyon के अर्थ और उसके इतिहास पर नजर डाल लेते है।

Tachyon meaning in hindi

यह शब्द ग्रीक भाषा के शब्द tachy से लिया गया है जिसका हिंदी अर्थ तीव्र होता है। जहा दूसरी और tachyon का हिंदी अर्थ (Tachyon meaning in hindi) प्रकाश से भी तेज गति होता है।

इतिहास – tachyon in hindi

इस काल्पनिक कण (tachyon) के बारे में सबसे पहले साल 1904 में Arnold Sommerfeld नाम के वैज्ञानिक ने बात की थी। बाद में यह बात साल 1962 और 1969 के बीच Gerald Feinberg के साथ कई वैज्ञानिको की थी। इसी समय तीन वैज्ञानिक जिनमे से एक भारतीय भी थे उन्होंने भी इस कण का जिक्र किया था। उन्होंने उसे meta particle नाम दिया था।

पर आज के समय techyon particle को किसी कण की तरह नही देखे जाते बल्कि एक नाम की तरह देखे जाते है।

अगर कोई भी ऐसे कण है जो प्रकाश की गति से तेज चलते है उसे टेकयोन कहा जाता है, जब की पहले इसे कोई निश्चित कण मान जाता था।

अब समय आ गया है जानने का की अगर यह कण अस्तित्व में आते है तो क्या होता है। इसमें सबसे पहले हम इस कण की ऊर्जा के बारे में जानेंगे।

टेकयोन ऊर्जा – tachyon energy

अगर आप किसी भी कण को ज्यादा ऊर्जा (energy) देते हो तो उसकी गति बढ़ती जाती है। जैसे जैसे वो प्रकाश की गति के नजदीक पहुंचता है उसे और भी ऊर्जा को जरूरत पड़ती है।

नियमो के मुताबिक हम किसी भी चिज को प्रकाश की गति के आसपास भेज सकते है लेकिन प्रकाश की गति के बराबर कभी नही करा सकते है।

क्योकि अगर हमें ऐसा करना है तो हमे उस कण (particle) को अंनत ऊर्जा देनी होगी, जो की लगभग असंभव है।

और अगर किसी भी चिज की गति को धीमा करना है तो उसमें से ऊर्जा को निकलना होगा।

लेकिन tachyon कण प्रकाश की गति से भी तेज होते है। तो अगर हमें उसे प्रकाश की गति के पास लाना है तो उसकी गति को धीमा करना होगा।

और मैंने आपको पहले बताया उसी तरह अगर किसी चीज की गति को प्रकाश की गति के पास लाना है तो उसे अंनत ऊर्जा देनी होगी।

तो अब सबसे बड़े सवाल खड़े होते है। पहला यह की असल में किसी चीज को अंनत ऊर्जा नही दे सकते।

और दूसरा यह की सामान्य तौर पर कण को ऊर्जा देने पर उसकी गति बढ़ती है, लेकिन टेकयोन (techyon in hindi) जो की प्रकाश से तेज है उसे प्रकाश जितना गतिमान करने के लिए धीमा करना होगा और इसके लिए हमे उसे अंनत ऊर्जा देनी होगी।

पर नियम के मुताबिक ऊर्जा देने पर किसी कण की गति बढ़ती है लेकिन techyon particle की धीमी होती है। जो की प्रकाश और ब्रह्मांड के कई नियमो को गलत साबित करता है।

पर क्या techyon सिर्फ इतना ही कर सकते है। नही, उसके कई गुणधर्म है जिनमे से एक है उसका द्र्व्यमान।

द्र्व्यमान – mass of tachyon

द्र्व्यमान, एक ऐसी चीज जो ब्रह्मांड के किसी भी अणु, परमाणु यहा तक की इलेक्ट्रान का भी एक मुलभुत गुणधर्म है।

क्या कभी आपने ऐसी कोई चीज दिखी है जो द्र्व्यमान रहित हो।, मतलब की उसका कोई वजन ही ना हो। शुन्य हो।

लेकिन हमारे ब्रह्मांड में एक ऐसी चीज है जो की द्र्व्यमान रहित होती है और वो है प्रकाश। हां, आपने सही सुना, प्रकाश का कोई वजन नही होता।

आप को लगता होगा की हर चीज का द्र्व्यमान (mass) होता है लेकिन प्रकाश का नही होता। जब आप किसी भी कण को प्रकाश की गति जितना तेज करते हो तब उसका सारा द्र्व्यमान ऊर्जा में बदल जाता है। इसी वजह से प्रकाश का कोई द्र्व्यमान नही होता।

अब आते है टेकयोन पर। मैने आपको आगे कहा उसी तरह जैसे जैसे किसी भी कण की गति बढ़ती जाती है वैसे वैसे उसका द्र्व्यमान शून्य के नजदीक चला जाता है।

लेकिन जब गति प्रकाश के जितनी हो जाती है तब द्र्व्यमान शून्य हो जाता है, तो techyon particle का क्या। उसकी गति तो प्रकाश से भी तेज है।

जवाब है कि उसका द्रव्यमान ऋणात्मक में या कहे विरुद्ध जाएगा।

जैसे अभी आपके पास 100 रुपए है फिर 0 हो जाते है और आखिर में अब आपके पास -100 रुपए है। मतलब की आपके ऊपर उधर है।

ये तो थी पैसो की बात, लेकिन सवाल अब उठता है कि द्र्व्यमान ऋणात्मक कैसे हो सकता है। हम किसी कण या चीज का वजन 1 किलो, 2 किलो या 10 ग्राम यह कह सकते है। लेकिन किसी चीज का वजन हम -10 ग्राम कैसे कह सकते है।

अब आपको समझ आ गया होग की techyon का ऋणात्मक द्र्व्यमान क्या होता है। इस असंभव सी चीज का भी वैज्ञानिको का यही मानना है कि इस तरह के काल्पनिक द्र्व्यमान वाले कण quantum optical effect में मिल सकते है। यह क्या है आगे बताता हूं।

दृश्यता – speed of tachyon

अगर आपके पास से अभी techyon निकले तो क्या आप उसे देख पाएंगें, बिलकुल नहीं। क्योकि हम उसी चिज को देख सकते है जिस पर प्रकाश गिरता हो।

यह बात थोड़ी बारीकी से समझीए, आपके सामने एक टेबल है, आप उसे देख सकते है क्योंकि सूर्य से आने वाली प्रकाश की किरणें उस पर गिरकर आपकी आँखों में आती है।

लेकिन टेकयोन (techyon in hindi) की स्थिति में संभव नही है। क्योंकि प्रकाश कभी उस तक पहुंच ही नही सकता। जब प्रकाश उस पर गिरेगा ही नही तो हमे क्या दिखेगा। हां यह संभव है कि techyon के भुतकाल की स्थित हम जान सकते है।

ऐसा ही कुछ ब्लेक होल के साथ भी है आप कभी ब्लेक होल को देख नही सकते क्योकि ब्लेक होल उस पर पड़ने वाले प्रकाश (light) को बहार निकलने ही नही देता, जिससे वो हमारी आँखों तक पहुंच ही नही सकता।

अब एक आखरी सवाल क्या इतना असंभव होने के बावजूद भी इसका अस्तित्व है। और हां, तो कैसे। चलिये जानते है।

क्या टेकयोन संभव है – are techyon real

यहाँ पर हमने देखा की techyon की गति और उसका द्र्व्यमान काल्पनिक हो जाता है। तो फिर इसका अस्तित्व कैसे संभव हैं।

यह जो इसका द्र्व्यमान (mass) और गति (speed) का वर्णन किया जाता है यह सिद्धांत में दिए गए समीकरण के जरिये पता किया जाता है।

आप यह नीचे का फोटो देख ज़कते है जो किसी गतिमान कण की ऊर्जा को दिखाता है। इसमें c प्रकाश की गति (speed of light) है, v उस चीज की गति है, m द्र्व्यमान है और e ऊर्जा है।

इसके आधार पर गति तय की जाती है। अगर techyon की माने तो नीचे वाला पद प्रकाश से ज्यादा गति की वजह से ऋणात्मक हो जाता है और ऊपर का m द्र्व्यमान तो ऋणात्मक ही होता है।

यहा दोनों पद ऋणात्मक या कहे नेगेटिव तरफ चले जाते है, पर गणित के नियम मुताबिक यह दोनों ऋणात्मक एक दूसरे को नकार देते है।

इसी वजह से टेकयोन की ऊर्जा सामान्य ऊर्जा जैसी हो जाती है, जो दर्शाता है कि techyon का अस्तित्व है।

अगर आपको नही पता तो बता दू की अति सुक्ष्म कण जैसे की इलेक्ट्रान जिस स्तर पर आये हुए है उसे quantum field कहा जाता है। वैज्ञानिको का मानना है कि यह techyon कण यही पर ही मौजूद होंगे, इसीलिए quamtum optical field पर खोज बिन चालू है।

quamtum physics जैसा विषय आपको जटिल लग रहा होगा, लेकिन असल में वो बहोत ही मजेदार है। बस आपको जरूरत है एक अच्छे से लेख की जो आपको सरल भाषा में समझा सके।

जानिए: क्वांटम फिजिक्स के 5 रहस्य (सरल भाषा में)

अंत में बस यही कहूंगा कि अभी के समय हमारे पास यह टेक्नोलॉजी नही है। पर एक समय था जब टेलीपोर्टेशन जैसी चीज भी काल्पनिक लगती थी, लेकिन आज के समय में विज्ञान ने यह भी हांसिल कर लिया है। तो यह भी संभव है कि विज्ञान जल्द ही टेकयोन कण (techyon particle) को भी खोज ले।

तो तो बस यह थी कुछ जानकारी techyon in hindi के बारे में। अगर आप टेलीपोर्टेशन के बारे में जानना चाहते है तो आपको यहाँ सारी जानकारी मिल जाएगी।

👉 विज्ञान का अदभुत करिश्मा – टेलीपोर्टेशन

 

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