जानिए वरुण ग्रह की 7 बाते – Neptune in hindi

सौरमंडल का आंठवा ग्रह वरुण (Neptune in hindi) दूसरे ग्रहों की तुलना में कुछ ज्यादा ही अजीब है। जहाँ हमारी पृथ्वी पर जमीन, रेत और जंगल बना हुआ है वहाँ दूसरी और इस ग्रह पर ज्यादातर आपको बर्फ ही देखने को मिलेगी। एक समय था जब यह ग्रह वैज्ञानिको के लिए भी एक पहली बना हुआ था।

क्या थी वो पहली चलिये जानते है।

Neptune planet in hindi
वरुण ग्रह की तस्वीर

History of Neptune in hindi – वरुण ग्रह का इतिहास

इस ग्रह को सबसे पहले देखने वाले इंसान क नाम galileo था। 16 वीं सदी में पहली बार जब उसने इस ग्रह को देखा तो उसे यह एक तारा लगा। लेकिन जब इसकी गतिविधि को जाँच गया तब पता चला यह एक तारे की तरह बिलकुल बर्ताव नही कर रहा है। आगे जब उसने इस ग्रह (Neptune in hindi) को देखना चाहा तब तक वो दूरबीन की नजरों से दूर जा चूका था।

आम तौर पर सारे ग्रहो को टेलिस्कोप या किसी और दूरबीन के जरिये खोजा जाता है और फिर उसके बारे रिसर्च की जाती है, लेकिन नेप्च्यून के मामले में यह नही हुआ।

जब युरेनस ग्रह की खोज हुई तब उसकी कक्षा पर रिसर्च जारी थी। तभी दो वैज्ञानिको को एक अंजान ग्रह का पता चला जो युरेनस की कक्षा पर अपना प्रभाव डाल रहा था।

गाणितिक तकनीक की मदद से उन वैज्ञानिको ने neptune planet की स्थिति का अंदाजा लगाया और यह अंदाजा सही साबित हुआ। इस तरह वरुण ग्रह की खोज हुई।

अब जब की एक नए ग्रह की खोज हो चुकी थी तो बारी थी उसके नाम रखने की। इस ग्रह की खोज करने वाले दो वैज्ञानिक Urbain Le Verrier और Johann Galle दोनों ने अपनी तरफ से नाम बताए।

Urbain Le Verrier की तरफ से neptune और Johann Galle की तरफ से janus नाम बताया गया था। यह दोनों रोमन संस्कृति के भगवान के नाम है। लेकिन रखना तो कोई एक ही था, आखिर में neptune को ही लोगो ने स्वीकार किया। चलिये अब जानते है इस neptune शब्द का अर्थ।

Neptune meaning in hindi

मैंने आपको ऊपर बताया उसके मुताबिक neptune नाम रोमन संस्कृति के भगवान पर से रखा गया है जिसका अर्थ (Neptune meaning in hindi) god of sea होता है।

कुछ ऐसा ही हिन्दू संस्कृति के साथ भी है। हिंदी भाषा में इसे वरुण ग्रह के नाम से जाना जाता है जो की समुद्र देवता का नाम है।

Neptune in hindi – वरुण ग्रह के बारे मे

Neptune in hindi की खोज साल 1846 में हुई थी तब इसे सौरमंडल का सबसे आखरी ग्रह माना जाता था, लेकिन जब 1930 में प्लूटो की खोज हुई तब यह पद प्लूटो को मिल गया।

पर साल 2006 में IAU ने प्लूटो की कक्षा अजीब है कहकर उसे नौ ग्रहों की जोड़ी से निकाल दिया और वरूण ग्रह फिर से सौरमंडल का सबसे दूरस्थ ग्रह बन गया।

अभी भी प्लूटो पर रिसर्च शुरू है। अगर pluto नौ ग्रहों की जोड़ी में फिर अपनी जगह बना लेता है तो Neptune planet in hindi से यह पद फिर से छीन जाएगा।

आम तौर पर वरुण ग्रह सूर्य से 30 AU की दुरी पर स्थित है इतने दूर होने की वजह से सूर्य के प्रकाश को इसकी सतह पर पहुंचने में पूरे 4 घँटे लग जाते है।

Note: पृथ्वी और सूर्य के बीच की दुरी को 1 AU कहा जाता है।

वरूण ग्रह (neptune in hindi) की त्रिज्या 24,622 किलोमीटर है। जो की पृथ्वी से लगभग 4 गुना अधिक है। इतने बड़े आकार की वजह से लगभग 58 पृथ्वी इसके अंदर समा सकती है। हां, गुरु ग्रह की तुलना में यह बहोत छोटा ग्रह है।

Neptune का द्र्व्यमान युरेनस ग्रह से ज्यादा है जो ज्यादा गुरुत्वबल उत्पन्न करता है। इसी वजह से neptune थोड़ा सिकुड़ जाता है जिससे यह ग्रह युरेनस की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई पड़ता है।

orbit of neptune planet in hindi – कक्षा और परिभ्रमण

Neptune planet की अपनी धरि पर गति ज्यादा है, जिससे वहाँ का एक दिन सिर्फ 16 घँटे का ही होता है लेकिन सूर्य से उसकी दुरी ज्यादा होने की वजह से उसे सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में 165 साल लग जाते है

अंतरिक्ष में Neptune in hindi का जुकाव 28° जितना है जो की पृथ्वी के जुकाव (23°) के आसपास ही है। इसीलिए यहाँ के मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। पर जहाँ पृथ्वी पर एक मौसम का समय 4 महीने का होता है वहां neptune पर यह समय 40 साल का हो जाता है।

neptune in hindi – सतह और वातावरण

वरूण ग्रह का वायुमंडल बेहत अजीब है यह हायड्रोजन, हीलियम और मीथेन गैस से मिलकर बना है। आप वहां ऑक्सिजन की उम्मीद छोड़ ही दो।

इसकी सतह ऐमोनिया और मीथेन के बर्फ से बनी है।  साथ ही यहाँ पर चटाने भी आई हुई है। लेकिन कुछ जगहे ऐसी भी है जो सिर्फ तरल पदार्थों से बनी है।

यह एक gas giant planet कहलाता है मतलब कि यह गैस से मिलकर बना है। यहाँ पर आपको पृथ्वी जैसी  ठोस जमीन का अहसास नही होता। हां, कुछ जगह पर ऊपर बताया उसी तरह बर्फ की जमीन आयी हुई है।

हमारे सौरमंडल में कुल मिलाकर चार गैस से बने ग्रह है और neptune in hindi उनमे से एक है। पर इस ग्रह पर बर्फ की मात्रा बहोत ज्यादा है जिससे neptune को ice giant planet कहा जाता है बजाय gas giant planet के।

सौरमंडल के हर ग्रह के पास अपनी एक खासियत है वरुण ग्रह के पास भी है। यहाँ की हवा सबसे तेज चलती है जिनकी गति 2,200 km/h होती है जो की सुपरसोनिक की गति के बैरियर को आसानी से तोड़ सकती है।

इस ग्रह की अजीब बात यह भी है कि यह सबसे ठंडा ग्रह माना जाता है। इसका वायुमंडल सूर्य से आने वाली गर्मी को परावर्तित कर देता है। जिससे यहाँ का तापमान मायनस 214℃ से मायनस 353℃ तक रहता है। इस तापमान का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हो की 0℃ पर पानी बर्फ में बदल जाता है।

जिस तरह गुरु ग्रह पर great red spot नाम का एक तूफान हजारो सालो से चल रहा है उस तरह का तूफान Voyager यान ने साल 1989 में neptune planet पर भी देखा था। जिसे great dark spot नाम दिया गया था।

लेकिन फिर कुछ सालो बाद रिसर्च करने पर वो तूफान वहाँ पर नही था, बदले में दूसरे तूफ़ान देखने को मिले,जो दर्शाता है कि neptune पर अभी भी बड़ी मात्रा में मौसम सक्रिय है।

Neptune rings and moons

जिस तरह शनि ग्रह के पास रिंग्स है उसी तरह neptune in hindi के पास भी है। लेकिन यह बहोत ही कम घनी और थोड़ी ही चमकदार है। उसके पास कुल मिलाकर 5 रिंग्स आयी हुई है। जैसे जैसे वैज्ञानिक इस खोज में जुड़ते गये वैसे वैसे उनके नाम पर से इन रिंग्स के नाम रखे गए।

वरुण ग्रह के पास कुल 14 चाँद है। जिनमे से ट्राइटन सबसे बड़ा है। सारे चाँद का 99.5% द्र्व्यमान इस अकेले के पास है। आश्चर्य की बात तो यह है कि यह सौरमंडल का एकलौता ऐसा चाँद है जो उलटी दिशा में घूमता है।

यह उपग्रह neptune के मिलने के ठीक 17 दिन बाद खोजा गया था। ट्राइटन का व्यास लगभग 2700 km के आसपास है। जो की प्लूटो से भी बड़ा है। वरुण ग्रह के 14 में से 6 चाँद को वॉयजर यान ने साल 1989 में ही खोज लिए थे। जब वो इस ग्रह की जाँच कर रहा था।

neptune planet mission – जीवन और मिशन

यह बात पहले ही साफ़ हो गयी है की neptune planet पर जीवन संभव नही है। क्योकि इसके वातावरण में ना ऑक्सिजन है और ना ही यहां पर ठोस जमीन है। पर इसके सबसे बड़े चाँद ट्राइटन पर जीवन संभव हो सकता है। लेकिन नाइट्रोजन की वजह से यह भी बेहत ठंडा है।

वरुण ग्रह हमसे बहोत दूर है, जिससे उस पर स्पेस मिशन करना बेहत कठिन है, फिर भी एक यान वॉयजर उस तक पहुंच गया था और उसने इस ग्रह की ढेर सारी जानकारी हमे दी थी।

साल 2025 में  NASA इस ग्रह (neptune in hindi) पर अपना मिशन करेगा जो इस ग्रह के साथ ट्राइटन की भी रिसर्च करेगा।

Facts about neptune planet in hindi

साल 1846 में उसकी खोज होने के बाद साल 2011 में
Neptune ने अपना एक साल पूरा किया था, जो की पृथ्वी के 165 साल के बराबर होता है।

साल 2041 में वरुण ग्रह हमारी पृथ्वी से सबसे करीब होगा। सिर्फ 28.8 AU की दुरी पर।

प्लूटो की अजीब कक्षा की वजह से एक बार तो वो neptune की कक्षा में घुस जाता है, जिससे प्लुटो सूर्य से ज्यादा नजदीक हो जाता है बजाय neptune in hindi के।

ज्यादातर संस्कृति में इस ग्रह को समुद्र के राजा या देवता के नाम से ही जाना जाता है।

Neptune planet का चुम्बकीय क्षेत्र पृथ्वी से 27 गुना ज्यादा शक्तिशाली है।

वरुण की सतह पर रहे मीथेन की वजह से यह ग्रह नीला दिखाई देता है।

इस ग्रह का एक रहस्य कि इसकी सतह पर इतनी तेज गति के तूफान क्यों उठते है अभी भी रहस्य ही बना हुआ है।

तो बस यह थी कुछ जानकारी naptune in hindi  के बारे में। अगर आपको ब्रह्मांड से जुडी जानकारी पसंद है तो आप यह लेख भी देख सकते हो।

➡️ ब्रह्मांड से जुड़े 10 अदभुत तथ्य

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