Nasa discover water on the moon in hindi

आज कल हम अंतरिक्ष को खोजने में लगे हुए है। वो भी बहोत जोर शोर से। पिछले कुछ सालों में जितनी खोजे हुई है उतनी लगभग पूरे मानव जीवन में नही हुई। इसी बिच नासा ने चाँद पर पानी की खोज की है।

 

यह सुनने में थोड़ा सा अजीब सा लगता है कि इसमें क्या बड़ी बात है। चाँद पर पानी की खोज कोई बड़ी खोज नही है। लेकिन असल में ऐसा नही है। हम इंसान अभी ब्रह्मांड में दूसरी जगह पर ( nasa discover water on the moon in hindi) जीवन की शुरुआत के लिए तैयार हो रहे है। और इसी वजह से रिसर्च भी की जा रही है।

जीवन की शुरुआत के लिए अगर हमें किसी ग्रह पर सबसे पहले किसी चीज की जरूरत होती है तो वो है पानी और हवा। इसीलिए चाँद पर पानी की खोज होना कोई आम बात नही है। चलिए अब बात करते है इस खोज के बारे में।

चाँद पर पानी की खोज – Discovery of water on moon by nasa in hindi

यह खोज नासा के सोफ़िया ने की है। सोफिया एक प्लेन है जो हम से 45,000 फिट की ऊंचाई पर उड़ता रहता है। इसके अंदर एक 2.5 मीटर का एक टेलिस्कोप लगा हुआ है। सोफ़िया का मुख्य कार्य गेलेक्सि, दूर के ग्रह और ब्रह्मांड में हो रही घटनाओं पर नजर रखना है। इसका दूरबीन ब्रह्मांड की आने वाली इंफ्रारेड किरणों को आसानी से डिटेक्ट कर लेता है।

कुछ इंफ्रारेड किरणों को हम धरती की सतह पर रहकर डिटेक्ट नही कर सकते, क्योकि वातावरण में रही पानी की भाप बिच में आ जाती है। यह वजह है कि sofia को इतनी ऊंचाई पर रखा गया है, क्योकि वहा पर पानी की भाप लगभग ना के बराबर होती है। sofia का पूरा नाम Stratospheric Observatory For Infrared Astronomy है।

Nasa discover water on the moon in hindi
Sofia plane

सामान्य तौर पर इससे चाँद की रिसर्च नही की जाती। क्योकि चाँद बाकी तारो और गेलेक्सि से ज्यादा नजदीक होने की वजह से इसे स्कैन करना थोड़ा कठिन है। (Discovery of water on moon by nasa in hindi). लेकिन पिछले कुछ समय से इस दूरबीन को चाँद की और मोड़ के रखा हुआ था। और इसी बीच इसने चाँद पर पानी की खोज की।

यह पानी हमे बहोत की कम मात्रा में मिला है लगभग 0.3 लीटर जितना। में जानता हूं कि यह बहोत कम पानी है। लेकिन इससे एक उम्मीद मिली है कि और भी पानी होगा।

यह पानी चाँद के दक्षिण गोलार्ध में मिला है। धरती से चाँद पर दीख रहे एक गढ्ढे में यह पानी खोजा गया है। नासा के एक वैज्ञानिक का कहना है कि हम अभी नही जानते है कि यह पानी पीने योग्य है या नही।

चाँद पर पानी का इतिहास – water on the moon in hindi

साल 1969 में जब नासा ने इंसानो को चाँद पर भेजा तब उन्होंने पाया कि चाँद की जमीन पूरी तरह से बंजर है और कही भी पानी का नाम नही है। लेकिन बाद में नासा के कसिनी, इसरो के चंद्रयान और कुछ दूसरे मिशन के जरिये पता चला की चाँद पर पानी के तत्व मौजूद है। लेकिन इसमें से यह तय नही किया जा रहा था कि यह हाइड्रॉक्सिल (HO) है या हायड्रोजन डायोक्साइड (H2O).

ये जो दूसरा वाला तत्व है वो पानी है और पहले वाले तत्व में ऑक्सिजन का प्रमाण पानी के तत्व के मुकाबले कम है। तो बस यह कंफ्यूजन था कि इनमें से कोन से तत्व को खोजा गया है। लेकिन सोफ़िया की अब की खोज से पता चल गया कि पानी मौजूद है। (water on the moon in hindi)

पानी पर उठ रहे सवाल – water on the moon news in hindi

अब जब पानी की खोज हो चुकी है तो इससे दो सवाल पैदा होते है। पहला ये की यह पानी आया कहा से और दूसरा ये की ये पानी स्टोर कहा पर होता है। तो चलिए दोनों सवालो के जवाब देखते है।

चाँद पर पानी (water on the moon) मिलना कोई आम बात नही है क्योकि चाँद के पास अपना कोई वातावरण नही है, जिससे पानी उसकी सतह पर नही रह सकता। इसीलिए यह जो पानी मिला है उसके स्त्रोत की संभावनाए दी जा रही है।

माना जा रहा है कि सूर्य से आ रहे कण जिसे हम सोलर विंड कहते है वो अपने साथ हायड्रोजन कण को लाते है। यह हायड्रोजन चंद्र की सतह पर रही मिट्टी के ऑक्सिजन के साथ मिलकर हाइड्रोक्सिल (HO) बनाते है। फिर यह हाइड्रोक्सिल उल्कापिंडों की बमबारी की वजह से हायड्रोजन डायोक्साइड (H2O) में रूपांतरित हो जाता है जिसे हम पानी कहते है।

अब आते है दूसरे सवाल की ओर की यह पानी स्टोर कहा पर होता है। आपको लग रहा होगा की जैसे पृथ्वी पे पानी रहता है उसी तरह चंद्र पर भी रहता होगा। लेकिन ऐसा नही है क्योंकि हमारे चाँद के पास अपना कोई वायुमंडल नही है। इसी वजह से अगर चाँद की सतह पर पानी होता है तो वो अंतरिक्ष में चला जाएगा, क्योकि वायुमंडल ना होने की वजह से सतह पर दबाव नही बनता। इसी वजह से पानी चाँद की सतह पर नहीं रह सकता।

बस इसी कारण हमें यह जानना जरूरी बनता है कि नासा ने चंद्र पर पानी की खोज की है वो पानी कैसे चाँद की सतह पर रुका हुआ है। इसी सवाल का भी अंदाजा लगाया जा रहा है। इस अंदाजे के मुताबिक पानी चंद्र की मिट्टी के अंदर स्टोर होता है। दूसरा अनुमान यह है कि चंद्र की सतह पर एक पतला सा वातावरण जरूर होगा जो इस पानी को रखे हुआ है।

चाँद पर मिले पानी के फायदे

हमने यह जान लिया की नासा ने चाँद पर पानी की खोज कर ली है लेकिन अब सबसे जरुरी बात की इससे हमे क्या फायदा। वैसे तो इसके कई फायदे है लेकिन अभी में आपको जो जरूरी है वो बताता हूं।

अगर हमें चंद्र पर अच्छी मात्रा में पानी मिलता है तो चाँद के mission के समय हमें पानी पृथ्वी से साथ नही ले जाना पड़ेगा। पानी के बदले हम कुछ और एक्स्ट्रा साधनों को अपने साथ ले जा सकेंगे, जिससे इस रहस्यमय ब्रह्मांड को और नजदीक से देखा जा सके।

चंद्र पर मिले पानी का उपयोग हम रॉकेट का ईंधन बनाने में कर सकते है जिससे चाँद पर किये जाते स्पेस मिशन की एक बड़ी समस्या हल हो सकती है। इसी वजह से हम लंबे समय तक चाँद पर रहकर उसका अभ्यास कर सकेंगे।

नासा द्रारा चाँद पर खोजे गए पानी का सबसे बड़ा फायदा है चाँद पर जीवन की शुरआत। हां, आपने सही सुना। हम इंसान कई सालों से दूसरे ग्रह ढूंढ रहे है, जहा इंसानी सभ्यता रह सके। नासा का अर्टिमिस मिशन है जिसके मुताबिक वो 2024 में एक इंसानी कॉलोनी बनायेगा चंद्र पर। इस कॉलोनी में वैज्ञानिक चंद्र पर रहकर ब्रह्मांड की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। अब जब की चाँद पर पानी मिल चुका है तो वहा पर इंसानी कॉलोनी बनाना और भी आसान हो गया है। इस अर्टिमिस मिशन के लिए चाँद पर पानी की खोज एक बहुत बड़ी सफलता कह सकते है हम।

तो बस यह थी कुछ जानकारी की nasa discover water on the moon in hindi के बारे में। अगर आपको और भी कुछ मजेदार जानना है तो आप इन तीनो लेख में से किसी एक को पसंद कर सकते हो।

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