photon in hindi

आज का विषय थोड़ा अलग है, आज हम एक ऐसी चीज के बारे में जानेंगे, जिसकी खोज का इतिहास बहोत ही रोमांचक रहा है। आज हम बात करने वाले है फोटोन कण के बारे में।

What is photon in hindi

history of photon in hindi

फोटोन की खोज कैसे हुई यह जानने से पहले कुछ और चीजे समझना जरूरी है। जैसे की प्रकाश के दो स्वभाव कैसे बने।

18वी या 19वी सदी के दौरान प्रकाश को लेकर एक प्रयोग किया गया। जिसमें प्रकाश को दो तिराड में से पसार किया गया और दूसरी तरफ परिणाम को देखने के लिए एक बोर्ड लगाया गया, जब प्रकाश तिराड में से पसार हुआ तब वह बोर्ड में सिर्फ तिराड जितनी जगह पर ना दिखकर उसके आसपास भी फैल गया, जिससे यह साबित हो गया कि प्रकाश का व्यवहार एक तरंग जैसा है।

मुझे पता है कि यह आपके लिए समझना थोड़ा मुश्केल है, लेकिन जब आप इस लेख को पूरा पढ़ लेंगे तब आपको समझ आ जाएगा कि असल में इसका क्या अर्थ है। तो चलिए इन सब को साइड में रखते है और आगे बढ़ते है।

इसके बाद साल 1905 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा कि प्रकाश एक कण की तरह भी है, उसने एक एक्सपेरिमेंट किया, जिसका नाम photo electric effect था। इस प्रयोग में पाया कि जब प्रकाश को किसी धातु पर टकराया जाता है तो उसमें से ऊर्जा उतपन्न होती थी

इसके साथ एक अजीब बात यह भी देखने को मिली की जब ब्लू प्रकाश को धातु पर डाला जाता तो ज्यादा ऊर्जा उत्प्पन होती वही दूसरी और जब लाल रंग के प्रकाश का इस्तेमाल किया जाता तो ऊर्जा कम मात्रा में उत्प्पन होती।

आइन्स्टाइन और दूसरे कुछ वैज्ञानिक के मुताबिक अगर प्रकाश सिर्फ तरंग था तो ऐसा होना असंभव है। क्योंकि सिर्फ तरंग के द्रारा किसी धातु के साथ संपर्क होना नामुमकिन है। इसलिए प्रकाश में किसी तरह के कण जरूर मौजूद होने चाहिए। क्योंकि एक कण ही धातु के साथ संपर्क करने में सक्षम होते है। फिर क्या, बस प्रकाश के इसी कण को फोटोन नाम दिया गया।

इसके साथ यह भी खुलासा हुआ की ब्लू लाईट की तरंगे लंबी होती है जिससे ज्यादा प्रभाव पड़ता है जब की लाल लाईट की तरंगे सबसे छोटी होती है जिससे धातु कम प्रभावित होती है। इसीलिए प्रयोग में ऊर्जा कम या ज्यादा उतपन्न होती थी।

फिर यहा से माना गया कि प्रकाश यानी की light के दो स्वभाव है – कण और तरंग ( particle and wave)

इसमें कोई संदेह नही की इसकी खोज का श्रेय आइन्स्टाइन को जाता है, लेकिन असल में photon शब्द वैज्ञानिक Gilbert द्रारा दिया गया था।

What is photon in hindi

चलिए तो अब बात करते है कि photon क्या है. क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है की यह जो सूर्य की रौशनी हम तक पहुँचती है वो आखिर किस से बनी हुई होती है। इसका जवाब है फोटोन से।

एक लाइन में कहु तो, प्रकाश के अंदर फोटोन के बंडल बने हुए होते है, जो ऊर्जा को लेकर तेज गति करते है।

Mass of photon in hindi

अगर बात करे इस कण के द्र्व्यमान की तो यह शून्य होता है। अब आप सोच रहे होंगे की किसी भी चीज का द्र्व्यमान शून्य कैसे हो सकता है।

अगर फोटोन सूक्ष्म कण है तो इलेक्ट्रान या प्रोटोन की तरह इसका भी अति सूक्ष्म द्र्व्यमान तो होना ही चाहिए।

पहले मुझे भी ऐसा ही लगता था, लेकिन असल में फोटोन का द्र्व्यमान या कहे वजन शून्य ही होता है।

इसकी वजह है कि कभी प्रकाश एक जगह पर रुकता नही है वह हमेशा गति ही करता रहता है। फिर भी अगर कोई चीज गति में है तो भी उसका द्र्व्यमान होता है, सिवाय अगर गति प्रकाश की गति जितनी ना हो।

अगर किसी पदार्थ की गति प्रकाश की गति जितनी है तो उस पदार्थ का द्रव्यमान शून्य होगा। और यहा पर तो प्रकाश खुद फोटोन से बना हुआ है, तो फोटोन की गति प्रकाश की गति जितनी ही होगी, इस वजह से फोटोन का गति में भी द्र्व्यमान शून्य ही होगा।

Facts about photon in hindi

साल 2012 में एक फोटोन को 114 km तक टेलीपोर्ट किया गया था, जो की अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गया था।

फोटोन कण पर किसी भी तरह का चार्ज नही होता, ना प्लस और ना ही माइनस। वह न्यूट्रल होते है।

सूक्ष्म कण के अंदर जो द्र्व्यमान होता है वो उसे god particle की वजह से मिलता है, लेकिन फोटोन ऐसा एक मात्र कण है, जिसके अंदर यह god particle नही होता और इसी वजह से फोटोन में द्र्व्यमान भी नही होता।

फोटोन दूसरे सूक्ष्म कण जैसे की प्रोटोन और इलेक्ट्रॉन के साथ प्रक्रिया भी करते है।

सिर्फ प्रकाश ही नही बल्कि रेडियो वेव और एक्स रे जैसी सारी ऊर्जा फोटोन से ही बनी हुई है।

फोटोन को बनाया भी जा सकता है और नष्ट भी किया जा सकता है। जैसे की रेडिएशन कई कुदरती घटना की वजह से बनता भी है और नष्ट भी होता है।

प्रकाश का व्यवहार तरंग और कण दोनों है इस बात को साबित करती थियरी को wave-particle duality theory नाम दिया गया है।

साल 2016 में फोटोन के आकर का भी पता लगा लिया गया है

तो यह थी कुछ जानकरी photon के बारे में। मुझे पता है कि यह समझना थोड़ा मुश्केल है, लेकिन कुछ नया जानने में थोड़ी समस्या आना आम बात है और साथ ही मुझे आपके लिए कुछ नया भी तो लाना था। 

अगर आपको कुछ पसंद का पढ़ना है तो आप के लिए यह तीन लेख है, जो आपको जरूर पसंद आएगा।

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