Planet venus in hindi

शुक्र ग्रह जिसे venus in hindi के नाम से जाना जाता है वो सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है। जब की सूर्य के सबसे नजदीक बुध ग्रह है।

यह क्यों और कैसे होता है वो आप इस लेख में जानेंगे, साथ ही इस ग्रह की कुछ ऐसी अजीब चीजें जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे।

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तो चलिये जानते है ब्रह्मांड के इस रहस्य को।

History of Venus in hindi – शुक्र ग्रह का इतिहास

शुक्र सौरमंडल का दूसरा ग्रह है। जो बुध के बाद आता है। लेकिन venus in hindi का इतिहास एक ग्रह की तरह नहीं बल्कि एक तारे की तरह रहा है।

venus आसमान में बहुत चमकीला दिखाई देता है, जिससे प्राचीन सभ्यताएं इसे दो अलग अलग तारें मानती थे।

सुबह का तारा और श्याम का तारा। जो सूर्य के उदय और अस्त होने पर दिखाई देते थे।

ग्रीक वासी इन दोनों तारों को Phosphorus और Hesperus के नाम से पहचानते थे, जब की रोमन संस्कृति की तरफ से Lucifer और vesper नाम दिए गए थे।

लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जिन्हें वो दो अलग अलग तारे मान रहे है वो कोई तारा नहीं बल्कि एक ग्रह (planet) है।

नंगी आँखों से दिखाई देने की वजह से यह कहना असंभव है कि इस ग्रह या कहे तारें को सबसे पहले किसने देखा था।

लेकिन वो Galileo Galilei था जिसने 17वीं सदी में अपने बनाये टेलिस्कोप के जरिये यह बताया कि शुक्र कोई तारा नहीं बल्कि एक ग्रह है।

शुक्र ग्रह के बारे में

आगे चलके इसके वायुमंडल की भी खोज हुई और आज के समय में हमारे पास इससे जुड़ी कई खगोलीय जानकारी है। जिनमे से पहली है कि शुक्र ग्रह कैसे बना था।

Planet Venus in hindi

आज से लगभग 4.6 अरब साल पहले एक विशाल बादल में से सौरमंडल का निर्माण हुआ था।

उस समय गैस, पत्थर और धूल गुरुत्वाकर्षण बल के चलते एक जगह जमा होने लगा, जिसमें से venus in Hindi का निर्माण हुआ।

हमारे सौरमंडल में चार ग्रह है जिनकी सतह पत्थर से बनी हुई है, इन्हें स्थलीय ग्रह कहते है। शुक्र दूसरा बड़ा स्थलीय ग्रह है जब की पृथ्वी पहले स्थान पर हैं।

Venus planet की त्रिज्या 6,051 km है। जो की पृथ्वी की त्रिज्या से बस थोड़ी ही छोटी हैं। द्र्व्यमान (mass) की बात करें तो वो पृथ्वी के 85 प्रतिशत जितना है।

Earth vs venus in hindi

इसके साथ ही venus और पृथ्वी दोनों स्थलीय ग्रह है। इतनी सारी समानता की वजह से वीनस को पृथ्वी का जुड़वाँ भाई भी कहा जाता है।

शुक्र सूर्य से 0.7 AU (10.8 करोड़ किलोमीटर) दुरी पर स्थित है। सौरमंडल के दूसरे ग्रहो की तुलना में इसकी कक्षा भी ज्यादा गोल है।

distance of venus, शुक्र ग्रह

इसे अपनी कक्षा का एक चक्कर पूरा करने में 225 दिन लगते हैं। जिसे Venusian year कहा जाता है।

जब venus पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है तब यह हम से सबसे नजदीक होता है। सिर्फ 4 करोड़ किलोमीटर दूर।

लेकिन यह ज्यादातर पृथ्वी से दूर ही अपनी कक्षा (orbit) में घूमता रहता है, परिणाम स्वरूप बुध ग्रह सबसे नजदीक ग्रह बन जाता है।

Orbit of Venus in hindi, शुक्र ग्रह की कक्षा

Rotation of Venus – शुक्र का परिभ्रमण

Venus in hindi पूर्व से पश्चिम की तरफ घूमता है जिससे वहाँ सूर्य पश्चिम से उदय होता है और पूर्व में अस्त।

जो की सौरमंडल के बाकी ग्रहों की तुलना में उल्टी दिशा है। सिवाय यूरेनस के,क्योंकि वो भी शुक्र की तरह ही उल्टा घूमता है।

Venus planet की अपनी ही धुरी पर घूमने की गति 6.5 km/h है। जो की सौरमंडल के सारे ग्रहों में सबसे धीमी गति है। इसी वजह से यहाँ का एक दिन पृथ्वी के 243 दिन के समान देखने को मिलता है।

जो साफ़ दर्शाता है कि venus planet का एक दिन उसके एक साल से बड़ा होता है। ( है ना, गजब की बात)

अगर आप इस ग्रह की हमारी पृथ्वी की घूर्णन गति से तुलना करेंगे तो बहोत बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।

पृथ्वी: 1674 km/h
शुक्र : 6.5 km/h

वीनस की इतनी धीमी गति की एक वजह यह हो सकती है कि बहुत समय पहले कोई खगोलीय पिंड टकराया होगा, जिससे इसकी घूर्णन गति उल्टी और धीमी हो गयी।

आज के समय में venus की यह धीमी गति और भी धीमी होती जा रही है। पिछले कुछ सालों से किये गए अभ्यास से पता चला है कि इसकी गति 16 सालों में 6.5 मिनट धीमी हो गयी है।

यह ग्रह अंतरिक्ष में सिर्फ 2.7 डिग्री ही जुका हुआ है, इससे यहाँ किसी भी तरह की ऋतु का अनुभव नहीं होता।

Venus surface in hindi – शुक्र ग्रह की सतह

शुक्र ग्रह के केंद्र में रहे उसके कोर की त्रिज्या 3,200 km है। जो धातु और पत्थर से बनी है। यह पृथ्वी के कोर के साथ काफी मिलती जुलती है।

लेकिन सतह पृथ्वी के मुकाबले पतली है। इसकी सतह के 80 प्रतिशत भाग में मैदान बने हुए है। और बाकी का भाग दो खंड में विभाजित है।

जिनमे पहला है venus in hindi का उत्तरी गोलार्ध।

इस खंड को ishtar terra के नाम जाना जाता है जो बेबी लियोन की प्यार की देवी ishtar पर से रखा गया है।

शुक्र ग्रह का सबसे ऊंचा पर्वत montes Maxwell यही पर बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 8.8 km है। हमारे Mount everest से थोड़ी सी ज्यादा।

Maxwell montes in hindi
Maxwell montes

दूसरा खंड है दक्षिण गोलार्ध।

ग्रीक की प्यार की देवी Aphrodite पर से इसका नाम Aphrodite Terra रखा गया है। यह खण्ड आकार में दक्षिण अमेरिका जितना बड़ा है।

अब बात करते है venus planet पर बने गड्ढों की। जिसकी वजह उस पर हुई उल्कापिंड (meteoroids) की बमबारी है।

सतह पर हमें 1.5-2.0 km से बड़े गढ्ढे ही देखने को मिलते है, जिसका मतलब की छोटे उल्कापिंड इस के वायुमंडल में ही जल गए होंगे। सिर्फ बड़े उल्कापिंड ही सतह तक पहुंच पाए।

लेकिन शुक्र की दिख रही नई सतह (surface) से लगता है कि आधे अरब साल पहले कोई भयानक घटना Venus planet के साथ घटी होगी। जिसने इस नई सतह को जन्म दिया।

Surface of venus in hindi, शुक्र ग्रह की सतह
सतह

फिर समय के साथ उल्कापिंड की वजह से उस घटना के सबूत मिट गए।

हाल के समय में वीनस प्लेनेट पर कई ज्वालामुखी आये हुए है। जिनमे से कई अभी भी सक्रिय है।

साल 1980 में ग्रह पर सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा कम हो गई थी। जो दर्शाता है कि 1870 के आसपास किसी ज्वालामुखी में से निकले गैस का परिणाम था।

Atmosphere of venus – शुक्र ग्रह का वायुमंडल

Venus in hindi का वायुमंडल 96.5% कार्बन डाइऑक्साइड, 3.4 % नाइट्रोजन ओर साथ मे कुछ फालतू के गेस से बना हुआ है।

यह कार्बन डाइऑक्साइड सूर्य से आने वाली गर्मी को अंदर कैद कर लेता है। परिणाम स्वरूप सतह का तापमान 465 ℃ को भी पार कर लेता है।

यही वजह है कि शुक्र सबसे ज्यादा गर्म ग्रह है।

वायुमंडल में सल्फ्यूरिक एसिड से बने बादल आसमान में 300 km/h की गति से घूमते है। जो ग्रह की घूर्णन गति से भी 60 गुना ज्यादा तेज है।

यह कैसे होता है वो आज भी एक रहस्य है।

बादलों की ऊंचाई कम होने पर यह गति भी कम हो जाती है। अब तक सतह पर सबसे धीमी गति पाई गई है।

वायुमंडल के ऊपरी स्तर के बादल को blue absorber कहा जाता है। यह सूर्य से आने वाले ultraviolet किरणों को सोख लेते है।

जिससे इनके अंदर बहोत ही ज्यादा मात्रा में ऊर्जा आ जाती है, यह ग्रह पर पड़ने वाली आधी सौर ऊर्जा के मालिक है।

Magnetosphere and moon of venus

Magnetosphere सूर्य से आने वाले विद्युत कणों से ग्रह की रक्षा करते है। हमारी पृथ्वी के पास तो है लेकिन शुक्र…

उसके पास नहीं है।

धीमी गति की वजह से venus planet Magnetosphere उत्पन्न नहीं कर सकता। परिणाम स्वरूप सूर्य के कण वायुमंडल में प्रवेश कर जाते है और उसे नुकसान पहुंचाते है।

अब बात करते है उसके चाँद (moon) के बारे में।

शुक्र ग्रह के पास अपना कोई चाँद नही है

पर माना जाता है कि उसके पास चाँद था जो किसी खगोलीय पिंड के टकराने की वजह से बना था।

लेकिन जब दूसरा टकराव हुआ तब वो चाँद भी अंतरिक्ष में बिखर गया।

Life and mission on venus in hindi

क्या शुक्र ग्रह पर जीवन (life) संभव है?

लगभग नहीं। क्योंकि इसके भयानक तापमान के चलते वहां पर जीवन बहुत कठिन है।

साथ ही उसके वायुमंडल में ऑक्सीजन भी नही है और वहां के बादल सल्फ्यूरिक एसिड से भरे है।

ऐसा कहा जाता है कि बहुत समय पहले venus in hindi पर पानी था, लेकिन ग्रीनहाउस असर के चलते सारा पानी वायुमंडल में मिल गया।

आज के समय में वहां पर पानी भी नहीं है। ऐसे में जीवन बना पाना मुश्किल है।

अब उस पर किये गए मिशन (mission) पर नजर डालते है।

Venus हम से नजदीक है इसलिए उस पर मिशन करना सरल है। आज तक 40 से ज्यादा यान ने उसकी मुलाकात की है।

European Space Agency का Venus Express 8 साल तक शुक्र ग्रह की कक्षा में रहा और उसका अभ्यास किया।

फिर साल 2014 में agency ने यान को उच्च कक्षा में भेजना चाहा।

यान वहाँ पहुंच भी गया लेकिन कुछ समय बाद वहाँ के भयानक वायुमंडल के चलते वह नष्ट हो गया।

Soviet Union द्वारा किया गया मिशन venera 13 को भी वहाँ की भयानक गर्मी और दबाव ने  2 घंटे में नष्ट कर दिया था।

इतनी कठिन परीस्थिति के बावजूद भी अंतरिक्ष संस्था इस ग्रह पर floating cities बनाने की सोच रहे है।

Venus facts in hindi

Maxwell montes शुक्र ग्रह की सबसे ठंडी जगह है, यहा का तापमान 365℃ रहता है।

Venus planet पर दिन और रात दोनों के समय तापमान समान रहता है।

वीनस 100 km से भी बड़े 167 ज्वालामुखी का मालिक है।

पृथ्वी की कक्षा के अंदर के ग्रहों को आंतरिक ग्रह (inferior planet) कहा जाता है और यह उनमें से एक है।

शुक्र ग्रह के वायुमंडल में रहे बादल सूर्य की 75 प्रतिशत रौशनी (गर्मी नहीं) को परावर्तित कर देते है, जिससे यह planet चमकता है।

तो बस यह थी कुछ जानकारी venus in hindi के बारे में। आपको इस लेख में सबसे अच्छा क्या लगा वो कॉमेंट में जरूर बताना।

और अगर आप कुछ रोमांचक पढ़ना चाहते है तो यह लेख जरूर देखें।

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