एंड्रोमेडा आकाशगंगा के बारे में सब कुछ

चलो जानते है हमारी गेलेक्सि मिल्की वे की पडोशी गेलेक्सि Andromeda galaxy के बारे में।
आपको यह तो पता ही होगा की गेलेक्सि मतलब की आकाशगंगा क्या होती है। गैस, धूल के बादल , तारे और अरबो सितारे मिलकर एक गेलेक्सि की रचना करते है। खेर ये सब छोड़िए, चलिए आज हम जानते कुछ अद्भुत चीजे andromeda गेलेक्सि के बारे में ।

एंड्रोमेडा आकाशगंगा Andromeda galaxy in hindi

एंड्रोमेडा आकाशगंगा हमारी पृथ्वी से लगभग 25 लाख प्रकाश वर्ष दूर है। यह आकाशगंगा एंड्रोमेडा नाम के एक तारामंडल यानि की नक्षत्र में स्थित है, लेकिन इसी वजह से इस गेलेक्सि को एंड्रोमेडा नही कहा जाता। असल में एंड्रोमेडा एक ग्रीक की प्राचीन राजकुमारी का नाम था। उसके नाम पर से ही रखा गया है। हमारी आकाशगंगा की तरह एंड्रोमेडा गेलेक्सि का भी आकार सर्पिल है। लेकिन यह हमारी गेलेक्सि से बड़ी है, लगभग दो गुनी बड़ी। एंड्रोमेडा गेलेक्सि की लंबाई 2,20,000 प्रकाश वर्ष जितनी है, जब की हमारी मिल्की वे की लंबाई सिर्फ 1,20,000 प्रकाश वर्ष के आसपास ही है। लेकिन इसकी चौड़ाई यानि की जो बिच में से उठा हुआ भाग होता है उसकी लंबाई लगभग हमारी आकाशगंगा जितनी ही है। कुछ 1000-2000 प्रकाश वर्ष के आसपास।
Andromeda galaxy
Andromeda galaxy
यह गेलेक्सि बहुत ही रहस्य मयी है। इसके अंदर 1खरब जितने तारो को खोजा गया है,  लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसमें 2 खरब जितने तारे है। मतलब की ,इतने सारे तारो के साथ कई ग्रह भी होंगे। इतने सारे लगभग 1 खरब के आसपास ग्रहों में से किसी भी ग्रह पर जीवन मौजूद तो होगा ही। यह सिर्फ एक संभावना है, लेकिन इतने सारे ग्रहों में से एक पर भी एलियन लाइफ ना हो, ऐसा कैसे हो सकता है।

एंड्रोमेडा आकाशगंगा का केंद्र Andromeda galaxy center

हमारी गेलेक्सि की तरह ही इसके केंद्र में भी एक  ब्लेक होल मौजूद है। इसका द्रव्यमान 14 करोड़ सूर्य के द्रव्यमान जितना है, इसका गुरुत्वाकर्षण बल आकाशगंगा को एक साथ जोड़े रखने में मदद करता है। केंद्र के आसपास धूल और गैस के विशाल ब
बादल, तारे, ग्रह जैसी चीजें बहुत तेजी से घूमती है। केंद्र में रहे महाकाय ब्लेक होल के अलावा भी इस आकाशगंगा में 26 और ब्लैक होल को खोजा गया है।
इस आकाशगंगा के केन्द्र में एक अजीब चीज बनी हुई है। हबल टेलेस्कोप ने इसके केंद्र का अवलोकन किया। इससे यह मालूम पड़ा की केंद्र के चारो और एक नीले रंग की गोल डिस्क बनी हुई है, जो लगभग 1 प्रकाश वर्ष जितनी लंबी है और इसमें 400 तारे है। साथ ही इसके बहार की तरफ लाल रंग की रौशनी फैली हुई है, जिसमे कई तारे है। नीले रंग का मतलब होता है नए तारे जब की लाल रंग का मतलब होता है पुराने तारे। मतलब की केंद्र की चारो और नए तारे और उसके चारों और पूराने तारे। यह एक अजीब तरह की घटना है, यह कैसे हुआ इसका पता अब तक नही चला है। आप इसे नीचे दिए गए फोटो ने देख सकते हो।
Andromeda galaxy center
Andromeda strange star disk

एंड्रोमेडा गेलेक्सि का इतिहास – andromeda galaxy history in hindi

साल 1864 के पहले इस गेलेक्सि को सिर्फ एक नेब्यूला माना जाता था। इस समय यही माना जाता था कि हमारी मिल्की वे गेलेक्सि ही पूरा ब्रह्मांड है, और यह नेब्यूला हमारी ही आकाशगंगा में स्थित है। लेकिन साल 1864 में वैज्ञानिक विलियम ने कहा कि एंड्रोमेडा के लक्षण और विशेषताए एक नेब्यूला जैसी बिलकुल नही है। समय के साथ यहाँ पर बहुत से तारो की खोज हुई जिससे यह पता चला की यह बहुत सारे सितारों का एक जुंड है। फिर साल 1925 में हबल स्पेस टेलिस्कोप ने वहाँ के एक रहस्यमय तारे की फोटो खिंची। जिसे Cepheid variable नाम से जाना जाता है। इस तारे ने सब कुछ बदल दिया। इस तारे की दुरी जानने पर एक अदभुत बात पता चली, वो ये थी की इसकी दुरी हमारी आकाशगंगा की लंबाई से कही ज्यादा थी। मतलब की उस समय वैज्ञानिको को पता था कि हमारी मिल्की वे गेलेक्सि की लंबाई 1,00,000 प्रकाश वर्ष जितनी है, जिसे वो पूरा ब्रह्मांड मानते थे। लेकिन यह तारा इस दुरी के आगे भी था। लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है, कोई तारा ब्रह्मांड से बहार कैसे हो सकता है । फिर सारी रिसर्च करके पता चला की एंड्रोमेडा कोई तारो का जुंड नही, बल्कि एक नई गेलेक्सि है, जो लाखो प्रकाश वर्ष में फैली हुई है। तब वैज्ञानिको को सबसे बड़ा झटका उस चीज का लगा की जिसे वो ब्रह्मांड समज रहे थे, वो तो असल ब्रह्मांड का बस एक छोटा सा हिस्सा ही था। ऐसी तो और अरबो आकाशगंगाएं ब्रहांड में बनी हुई है।

मिल्की वे के साथ टकराव – collision with milky way in hindi

आपको यह तो पता ही होगा की भविष्य में हमारी आकाशगंगा और एंड्रोमेडा दोनों ही एकदूसरे से टकराने वाली है। लेकिन यह टकराव कैसे होगा वो आपको पता है। एंड्रोमेडा गेलेक्सि 114 किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से हमारी गेलेक्सि की तरफ बढ़ रही है, साथ ही हमारी गेलेक्सि भी एंड्रोमेडा की तरफ बढ़ रही है। इन दोनों गेलेक्सि का एकदूसरे की तरफ बढ़ने का कारण गुरुत्वाकर्षण बल ही है। उसकी वजह से दोनों गेलेक्सि एकदूसरे के नजदीक आ रही है। लेकिन आप डरिए मत क्योंकि वैज्ञानिको के मुताबिक यह टकराव आज से लगभग 4.5 अरब साल बाद होगा। चौकाने वाली बात तो यह है कि यह टकराव भी 2 अरब साल तक चलेगा।
इन दोनों गेलेक्सि के टकराव से एक नई गेलेक्सि का जन्म होगा। इसके साथ यह अनुमान लगाया गया है कि जब यह टक्कर होगी तब हमारा सूर्य पूरी तरह से लाल रंग का हो चूका होगा और  सौर मंडल के सारे ग्रह सूरज के अंदर समा चुके होंगे। यहाँ तक की हमारी पृथ्वी भी। वैसे ऐसी टकराव की प्रक्रिया होना हमारे ब्रह्मांड में आम बात है, बल्कि खगोलशास्त्रीओ के मुताबिक हमारी milky way गेलेक्सि का भी जन्म दो गेलेक्सि के टक्कर से ही हुआ था 

आकाशगंगा का रहस्य Conclusion of Andromeda in hindi

हमारी आकाशगंगा की तुलना में एंड्रोमेडा लगभग दो गुनी बड़ी है, वो तो आपने आगे जान ही लिया होगा।  इसके साथ वैज्ञानिको ने यह भी अंदाजा लगाया था कि एंड्रोमेडा गेलेक्सि का द्र्व्यमान भी हमारी गेलेक्सि से लगभग डेढ़ गुना ज्यादा है। और यह साफ़ दिखाई भी देता है कि एंड्रोमेडा में हमारी गेलेक्सि की तुलना में ज्यादा माँस हो। क्योंकि वो लगभग दो गुनी बड़ी थी और मिल्की वे में जितने सितारे और ग्रह थे उसके डबल एंड्रोमेडा में थे। लेकिन, लेकिन , लेकिन, यह बात तो थी उस द्र्व्यमान की जो हम देख सकते थे। लेकिन 19वीं सदी में डार्क मैटर की खोज हुई थी। एक ऐसी चीज जिसे ना हम देख सकते है और ना ही हम छू सकते है। लेकिन वो हमारे ब्रह्मांड में अस्तित्व बनाये हुए है। ना देख पाने की वजह से ही वैज्ञानिक इसे डार्क मैटर कहते है। डार्क मैटर गेलेक्सि को बंधे रखने के लिए गुरुत्वाकर्षण को उतपन्न करता है। मतलब की इसका भी द्र्व्यमान होता है। यह डार्क मैटर हमारी गेलेक्सि और एंड्रोमेडा दोनों ने ही पाया गया है। वो भी बहोत ही ज्यादा मात्रा में।
अभी कुछ समय तक यही सच था कि एंड्रोमेडा गेलेक्सि का द्र्व्यमान हमारी मिल्की वे से ज्यादा है। लेकिन साल 2019 में एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमे बताया गया कि असल में सबसे ज्यादा द्र्व्यमान हमारी गेलेक्सि मिल्की वे का है, ना की एंड्रोमेडा का।  इसकी वजह थी डार्क मैटर। मिल्की वे में डार्क मैटर ज्यादा है बजाय एंड्रोमेडा के।
इस चीज के बारे में अभी कुछ नही कहा जा सकता, क्योकि डार्क मैटर के बारे में ना हम कुछ जानते है और ना ही वैज्ञानिक। साथ ही उससे भी बड़ा डार्क एनर्जी का रहस्य भी अब तक नही सुलजा है।

Andromeda galaxy fact in hindi

  • एंड्रोमेडा गेलेक्सि की पहली फोटो साल 1887 में isac robert द्रारा खिंची गयी थी
  • ब्रह्मांड में जैसे तारो और ग्रहों का ग्रुप होता है, उसी तरह आकाशगंगाओ का भी ग्रुप यानी की समूह होता है। हमारी आकाशगंगा और एंड्रोमेडा गेलेक्सि जिस समूह में आती है, उस समूह का नाम local group है। इस समूह में और भी 30 गेलेक्सि अपना स्थान बनायीं हुई है। इस ग्रुप में सबसे बड़ी गेलेक्सि एंड्रोमेडा है और सबसे द्र्व्यमान वाली गेलेक्सि अब मिल्की वे है ना की एंड्रोमेडा।
  • आपको जानकर हैरानी होगी की एंड्रोमेडा गेलेक्सि के अंदर भी दो और छोटी आकाशगंगाएं है। इन दोनों गेलेक्सि का नाम M-32 और M-110 है। ऐसी आकाशगंगा को उपग्रह आकाशगंगा कहते है।
  • एंड्रोमेडा के अंदर कुल 14 उपग्रह आकाशगंगाएं है।
  • एंड्रोमेडा को हम अपनी नँगी आँखों से देख सकते है बस शर्त इतनी है कि साफ़ हवामान और कम चमकीली जगह होनी चाहिए।
  • एंड्रोमेडा गेलेक्सि को M-31 या फिर messier 31 नाम से भी जाना जाता है। ये उन गेलेक्सि में से एक है, जिसका अपना खुद का एक नाम हो। आप सोच रहे होंगे की हर गेलेक्सि के नाम होते है तो इसमें क्या। यहा पर खुद का नाम मतलब की कोई खास या फिर एक विशिष्ट नाम। हमारे ब्रह्मांड मे अरबो आकाशगंगाएं है, इसीलिए वैज्ञानिक और खगोलशास्त्री नाम रखने के लिए एक केटलॉग मेथड का इस्तेमाल करते है। जिससे गेलेक्सि के नाम को आसानी से पहचाना जा सके। जैसे की ic-1101. एंड्रोमेडा का भी एक केटलॉग नाम है और वो है M-31.
  • अंदाजा लगाया गया है कि 5 अरब साल पहले दो बड़ी आकाशगंगाएं आपस में टकराई थी और उसकी वजह से ही जन्मी थी एंड्रोमेडा आकाशगंगा।
  • एंड्रोमेडा गेलेक्सि की उम्र अभी तक 4.5 साल बताई जा रही है। 
  • कुछ पिछले साल 2016 में ही एंड्रोमेडा के अंदर 40 और ब्लैक होल को खोजा गया है। मतलब की एंड्रोमेडा गेलेक्सि के पास ब्लेक होल की कोई कमी नही है।
  • एंड्रोमेडा का सबसे चमकीला तारा Alpheratz या अल्फा एंड्रोमेडा है।  इसे कभी-कभी sirrah के नाम से भी जाना जाता है। यह पृथ्वी से 97 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।
तो यह थी कुछ एंड्रोमेडा गेलेक्सि के बारे में जानकारी। अगर आपको नही पता की डार्क एनर्जी क्या है, तो आप उसके बारे में जरूर जानिए। ब्रह्मांड की बहुत बड़ी पहली बनी हुई है डार्क एनर्जी।
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