Bermuda triangle in hindi

एक ऐसी जगह जहा पर कई विमान और जहाज गायब हुए है और अब तक एक रहस्य बना हुआ है। हम बात कर रहे है बरमूडा त्रिकोण ( Bermuda triangle in hindi) की। बरमूडा ट्रायंगल को शैतान का त्रिकोण (devil’s triangle) भी कहा जाता है।

वैसे तो यह जगह बहोत समय पहले से खतरनाक घटनाओ का कारण बनी है, पर पिछले कुछ दशक से यह बहोत ज्यादा चर्चा में आयी है।

इसकी वजह यह है कि कुछ लेखको ने यहाँ पर होने वाली घटनाओ के बारे में अपनी किताबो और लेख के जिक्र किया।

इन किताबो में उन घटनाओ के बारे में बताया गया था, जो बरमूडा त्रिकोण के अंदर हुई थी।

क्या थी वो घटनाएं जानते है लेकिन उससे पहले आप यह जान लीजिए की असल में यह जगह आयी कहा पर है।

बरमूडा त्रिकोण जगह – Bermuda triangle in hindi

Bermuda triangle एटलांटिक महासागर के अंदर आया हुआ एक बहुत बड़ा एरिया है। लगभग 5,00,000 चोरस किलोमीटर।

वैसे इस त्रिकोण का एरिया निश्चित रूप पर तय नही है। इसकी सरहदे घटती और बढ़ती रहती है।

यह क्षेत्र तीन जगह को जोड़ता है।

पहला है अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य का मियामी शहर। (america➡️florida➡️ miami)

दूसरा प्यूरटो रीको राज्य का सेन जॉन शहर है। (america➡️puerto rico➡️san jaun)

तीसरा अमेरिका का एक द्रिप है जिसका नाम है बरमूडा। (america➡️island➡️Bermuda).

यह तीनों केंद्र से बना नक्शा आप इस फोटो में देख सकते हो।

Bermuda triangle in hindi, बरमूडा त्रिकोण

Bermuda triangle accident – घटनाएं

बरमूडा त्रिकोण में पहले भी बहोत से जहाज और प्लेन गायब होने की घटनाएं हुई थी। लेकिन पहले ये इतना फेमस नही था। यह एरिया तब दुनिया के सामने ज्यादा आने लगा जब अमेरिका के जहाज और प्लेन गायब हुए। जब भी बरमूडा त्रिकोण की बात आती है तब ज्यादातर इन्ही दो घटनाओं से उसे देखा जाता है।

क्योकि यह अमेरिका के बहोत बड़े नुकसान का कारण था। इसीलिये जब भी बरमूडा त्रिकोण के रहस्य की बात आती है सबसे पहले इन्ही दो घटनाओ का जिक्र किया जाता है।

U.S.S. Cyclopes

साल 1918 में ब्राजील से बाल्टीमोर के लिए एक जहाज रवाना हुआ था। अमेरिका के कमांडर g.w. verli 309 सदस्यों के साथ  u.s.s. Cyclopes नाम के जहाज से सफर कर रहे थे।

इस जहाज में 10,000 टन मेगेनीज धातु भी थी। उन्हें जहाँ पर जाना था, उस समुद्री रास्ते पर बरमूडा ट्रायंगल (Bermuda triangle in hindi) बिच में पड़ता था। जब जहाज इस क्षेत्र को पार कर रहा था, तब अचानक से गायब हो गया।

उस समय अमेरिका के इतिहास में ये सबसे बड़ा रहस्य बन गया। बाद में इस जहाज पर रिसर्च की गयी। लेकिन उस जहाज का एक टुकड़ा तो क्या किसी भी सदस्य की लाश तक नही मिली।

U.S.S.Cyclopes in hindi, Bermuda triangle shipping hindi

torpedo flight -19 in Bermuda triangle

बरमूडा त्रिकोण रहस्यमय बनाने के लिए यह घटना सबसे बड़ा कारण बनी थी। बात कुछ इस तरह की है।

5 नवम्बर 1945 को अमेरिका के fort lauderdale से पांच टॉरपीडो विमान ने उड़ान भरी थी। उनको 120 माइल जितना सफर करके वापस स्टेशन पर आना था।

Torpido-flight-19, Bermuda triangle plan

पर उन्हें जंहा से गुजरना था उसके बिच में बरमूडा ट्राइएंगल आता था। उन्होंने उड़ान तो भरी, लेकिन उडान भरने के लगभग एक घंटे बाद कंट्रोल रूम को लीडर पायलट चार्ल्स टेलर का मैसेज मिला जिसमे वो कह रहे थे की

“हम नहीं जानते कि हम कहा पर है, हमारा कंपास काम नही कर रहा है।”

इसके बाद कंट्रोल रूम से उनका संपर्क तूट गया। कुछ समय बाद दूसरे पायलट का मैसेज भी मिला, जो कह रहा था कि

“हमे सिर्फ सफेद पानी दिखाई दे रहा है, हम कही पर खो गए है।”

इस मैसेज के बाद दो PBM-5 प्लेन को तुरंत शोध के लिए भेजा गया उनमे से एक हवा में ही फट गया। जब की दूसरा प्लेन कुछ भी ढूंढ नही पाया।

इन दो प्लेन के साथ एक मेरिनर सी प्लेन जो की पानी में तैरने के साथ साथ हवा में उड़ भी सकती थी उसे भी भेजा गया। लेकिन वो भी कही पर गायब हो गयी और कुछ पता नही चला।

गायब हुए जहाज और प्लेन – Bermuda triangle plan

ऊपर मैंने जो दो घटनाएं बताई वो इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं मे से एक है, लेकिन और भी कई प्लेन और जहाज बरमूडा त्रिकोण में गायब हुए थे, जिनका पता आज तक नही लगा है।

उनमें से कुछ खास यह है।

साल 1872 में ध मेरी सेलेस्ट जहाज गायब हो गया।

साल 1945 में पांच अवेंजर्स टॉरपीडो विमान flight-19 गायब हुए।

साल 1948 में ट्यूडोर जहाज भी लापता हो गया था।

1948 में ही डीसी-3 फ्लाइट एनसी ( DC-3 flight NC) भी कही खो गया।

साल 1950 में अमेरिकी जहाज S.S. sendra गायब हुआ था।

साल 1952 में एक ब्रिटिश जहाज भी गायब हुआ था जिसमे 33 लोग थे।

1962 में अमेरिका की सेना का प्लेन KB-50 बरमूडा त्रिकोण में लापता हो गया।

साल 1963 में s.s. मरीन सल्फर क्वीन जहाज भी गायब हुआ था। लेकिन उस जहाज के कुछ टूटे हुए भाग मिले थे।

साल 1972 में जर्मनी का एक जहाज, जो 20 हजार टन वजन का था। वो भी इस बरमूडा ट्रायंगल में कही डूब गया

और आखिर में साल 1997 में जर्मन विमान गायब हुआ था।

अंदाजा लगाया जाता है कि यहाँ पर लगभग 50 प्लेन और 20 जहाज गायब हो चुके है।

यह तो थे उन सर्व जहाजो और प्लेन के नाम जो गायब हो गए और कभी वापिस नही आये, लेकिन सबसे बड़ा सवाल उठता है कि इन जहाजो के गायब होने की वजह क्या है।

अब तक किसी को भी पता नही चला है कि इसकी वजह क्या है, लेकिन कुछ धारणाए है जो लोगो द्रारा बताई जाती है।

Alien in Bermuda triangle – बरमूडा त्रिकोण में एलियन

बरमूडा त्रिकोण को लेकर बहुत सी बातें है। कुछ लोगो का मानना है कि बरमूडा त्रिकोण पर एलियन रहते है।

उनका मानना है की बरमूडा त्रिकोण एक तरह का दरवाजा है, जो की दो दुनिया को जोड़ता है और एलियन दूसरी दुनिया से हमारी दुनिया में इसी जगह से आते है।

कुछ लोगो ने तो बरमूडा ट्रायंगल के आसपास एलियन देखे जाने का भी दावा किया है।

जब कोई जहाज बरमूडा त्रिकोण Bermuda triangle in hindi) में प्रवेश करता है तब एलियन उन जहाजो पर अपना कब्जा कर लेते है, क्योकि उन्हें किसी बाहरी दुनिया के लॉगो का आना पसंद नही है।

कुछ लोगो की माने तो यहाँ पर प्राचीन समय का अटलांटिस शहर डूबा हुआ है और इस शहर में बाहर के लॉगो को आने की मनाई है।

ईसीलिए वहा से निकलने वाले प्लेन और जहाज कभी वापस नही लौटते।

एक बड़ा अनुमान यह लगाया जा रहा है कि यह जगह पर बाकि के मुकाबले ज्यादा विद्युत तरंगे उत्तपन करती है और एक तरह का portal बनाती है जो किसी दूसरी दुनिया में रास्ता खोलती है।

और यही रास्ते से होकर सारे जहाज उस दुनिया में चले गए है।

बरमूडा त्रिकोण की सच्चाई – about Bermuda triangle in hindi

कई दशकों से बरमूडा ट्रायंगल (about Bermuda triangle in hindi) एक रहस्य बनी हुई थी, पर अभी के समय सामने आने का कारण अमेरिका के जहाज की दुर्घटनाएं थी।

लेकिन यह बात पूरी तरह से सच नही है, असल में जिन्होंने इस जगह को रहस्यमय बनाया है वो है लेखक।

कोन लेखक, चलिये जानते है।

साल 1872 में गायब हुए the mary celeste (ध मेरी सेलेस्ट) जहाज के बारे में साल 16 सितंबर 1950 को एक अखबार में लिखा गया था।

इसके दो साल बाद फैट पत्रिका में भी ‘ sea mystery at our back door (हमारे पिछले दरवाजे पर समुद्री रहस्य) नाम से एक लेख को लिखा गया था।

साल 1962 अप्रैल में एक पत्रिका में यह लिखा गया था कि गायब हुए एक विमान के पायलट को यह कहते सुना की “पानी हरा है और कुछ भी सही नही है। ऐसा लगता है कि विमान किसी दुसरे ग्रह पर चला गया है।”

बरमूडा त्रिकोण का यह एक पहला लेख था जिसमे दूसरे ग्रह या कोई परलौकिक शक्ति जैसी बात की गई हो।

बस इसके बाद क्या था। बरमूडा ट्राइएंगल के ऊपर बहुत से लेख लिखे गए और इंसानो द्रारा बहुत सी अफवाएं और अनुमान बताए गए।

लेकिन यह Bermuda triangle शब्द साल 1964 में vincent gaddis के द्रारा दिए गए थे। उन्होंने एक मेगेजिन में लेख का शीर्षक the deadly Bermuda triangle ( मृत बरमूडा ट्राइंगल)  दिया था।

इसी तरह लॉगो के अंदर बरमूडा त्रिकोण को लेकर एलियन और जादुई दुनिया की बाते होने लगी।

पर कुछ लॉगो का मानना है कि यह सिर्फ अफवाएं है, यह पर होने वाली घटनाओं के पीछे कुदरती वातावरण ही है।

जैसे की,

तेज हवाएं, बड़े और टकराते बादल, मीथेन गैस, सुनामी जैसी बड़ी तरंगे और गल्फ स्ट्रीम ( पानी का प्रवाह) है।

साइंस चेनल what on earth (पृथ्वी पर क्या) पर एक रिपोर्ट में बताया गया कि प्लेन और जहाज गायब होने की वजह वहा के अजीब बादल है।

इन बादलो को षट्कोणीय बादल (hexagonal cloud) नाम दिया गया है। बरमूडा त्रिकोण में 170 mile/hour (275 किलोमीटर पर घंटे) की तेजी से हवाए चलती है।

इसकी वजह से ये तेज हवाए और बादल यहाँ से निकलने वाले जहाज और प्लेन से टकराते है और उन्हें नष्ट कर देते है।

उस रिपोर्ट में यह भी बताया गया की तेज हवाएं ही इन बड़े बादलो को जन्म देती है। ये बादल समुद्र के पानी से टकराते है और सुनामी जैसी बड़ी लहरे पैदा करते है। इन लहरों के बीच में जो भी आता है उसे ये पूरी तरह से नष्ट कर देती है।

तो अब आप सोचेंगे कि उन टॉरपीडो प्लेन के साथ क्या हुआ।

अगर कुछ रिसर्च की माने तो जब कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया उसके बाद यह सब हुआ था।

उस गायब प्लेन वाली घटना के बाद शाम को कंट्रोल रूम को उन्हें एक और मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें लीडर पायलट दूसरे सारे पायलट को कह रहा था कि

“हमारे विमान का ईंधन खत्म हो चूका है, सारे पाइलट कूदने की तैयारी कर ले।”

कुछ दिन बाद शोधकर्ता को यह जानकारी मिली की उन 5 प्लेन से दूर एक और प्लेन भी उड़ रहा था, जिसके पायलट रॉबर्ट काक्स थे। टॉरपीडो विमान के मुख्य पायलट से उन्हें एक संदेश मिला था जिसमे वो कह रहे थे की

“उन्हें एक छोटे द्रिप के अलावा और कोई जमीन नजर नही आ रही है।”

शोधकर्ता के मुताबिक अगर वो अपने सही रूट पर होते तो उन्हें एक से ज्यादा द्रिप दिखाई देने चाहिए थे। मतलब की वो अपने रास्ते से  भटक गए थे। फिर शोध में ना ही किसी विमान का मलबा मिला और नाही किसी भी पायलट की लाश।

और रही बात उस मेरिनर शिप की जो इनको ढूंढने निकला था, तो वो हवा में ही फट गया था। इसकी जानकारी एक समुद्री जहाज ने दी थी, जिसका कहना था कि उसने शाम 7:50 को हवा में एक धमाके को देखा था।

तो यह वजह हो सकती है इन जहाजो के गम होने की।

अगर तर्किक तरह से सोचे तो यह बात ज्यादा सटीक बैठती है बजाय एलियन के।

क्योकि हमारी पृथ्वी पर एलियन का होना यह बहोत कम संभावना है।

लोगो के बीच एलियन या दूसरी दुनिया की बाते होने की सबसे बड़ी वजह यही है कि हमे इस तरह जानकारी बहोत पसन्द है।

जैसे की, एलियन का होना, दूसरी दुनिया, समांतर ब्रह्मांड और समय यात्रा।

ऐसा नही है कि यह सारी बातें बस कल्पनाएं है। इस तरह की चीजो का होना असल में संभव है। क्योकि यह विज्ञान के सिद्धांतों द्रारा बताया जाता है।

ऐसा ही कुछ ड्रेगन त्रिकोण और मारियाना गर्त को लेकर है।

अगर आपको लगता है कि हमारी दुनिया में बरमूडा त्रिकोण ही ऐसी रहस्यमय समुद्री जगह है तो आप गलत हो।

जापान के नजदीक आया शैतानी समुद्र जिसे dragon triangle के नाम से भी जाना जाता है,वो तो पूरी सेना को अपने अंदर निगल गया था। और तो वो बरमूडा त्रिकोण की एक ही रेखा पर आता है।

दूसरी जगह मारियाना गर्त जो की दुनिया की सबसे गहरी समुद्री खाई है। लोग की माने तो इस खाई में मेगालोडन शार्क रहती है।

यह शार्क एक प्राचीन समुद्री जिव थी, जो टी रेक्ष डाइनासोर को भी पानी के अंदर खिंच के ले जाती थी। कुछ लोगो के मुताबिक ऐसी शार्क अब भी यहाँ मौजूद है।

👉 समुद्र की सबसे गहरी खाई मारियाना गर्त

बरमूडा त्रिकोण के बारे में तथ्य – bermuda triangle facts in hindi

क्रिस्टोफर कोलंबस जब दुनिया की खोज में निकला था। तब वो बरमूडा ट्रायंगल की जगह पर आया था। उसने इसके बारे में लिखा है कि, मैंने आग के एक बड़े गोले को देखा, जो रात को समुद्र पर जाकर गीरी। फिर थोड़े हप्ते बाद दूर विचित्र प्रकाश की रौशनी दिखाई दी।

बरमूडा त्रिकोण (what is Bermuda triangle) की सरहदे निश्चित नही है। वो लगादार अपने आसपास बदलती रहती है। इसी वजह से इसका क्षेत्र तय नही है।

साल में 25 बार बरमूडा त्रिकोण का आकार घटकर 2.5 माइल  जितना हो जाता है। इस समय पर यहां की तरंगे इतनी शक्तिशाली हो जाती है कि वो किसी भी चीज को नष्ट कर दे।

हमारी पृथ्वी पर दो जगहे ऐसी है जहां पर कंपास (होकायंत्र) चुंबकीय उतर दिशा के बदले भौगोलिक उतर दिशा को दिखता है।

पहली तो ये बरमूडा त्रिकोण (Bermuda triangle)
दूसरी और दूसरी है जापान का ड्रेगन त्रिकोण (dragon triangle).

तो बस यह थी जानकारी बरमूडा त्रिकोण (Bermuda triangle in hindi) के बारे में। अगर आपको ऐसे ही रहस्य जानने है तो यह लेख देख सकते हो।

👉 ड्रेगन त्रिकोण की रहस्यमय जानकारी

 

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