Sleep paralysis नींद की जकड़न

क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि जब आप नींद में से अचानक उठते हो तब कभी कबार अपने शरीर को हिला नही सकते। मानो की हमारा शरीर बंध हो गया हो। आप चाहकर भी अपने शरीर को हिला नही सकते। अगर ऐसा हुआ है तो आप भी sleep peralysis के शिकार हुए हैं।

अब आपके मन में बहुत सारे प्रश्न हुए होंगे। जैसे की sleep peralysis क्या है, वो कैसे होता है, क्या उससे कोई नुकसान होता है। तो इन सारे सवालों के जवाब जानेंगे आज।

SLeep peralysis का अनुभव
ऐसा नही है कि sleep peralysis में सिर्फ शरीर बंध हो जाने का ही अनुभव होता है। कुछ ऐसी घटनाएं है जिसमे लोगो के अलग अलग मंतव्य है।

जैसे कोई काली छाया दिखाई देनी।  बहुत से लोगो का ऐसा कहना है कि जब उनकी नींद अचानक तूट जाती है तब उन्हें अपने आसपास एक काली पड़छाय दिखाए देती है। जो उनकी नजदीक आती हुई लगती है।

कुछ लोगो का ऐसा भी कहना है कि उन्हें किसीने छाती पर दबाव दिया हो। जैसे कोई हमारे शरीर पर हो और उसने हमें पकड़ रखा हो।

आम तौर पर तुरंत नींद में से उठने की वजह से लोगो को इस तरह का भ्रम होता है ऐसा वैज्ञानिको मानना है।

Sleep paralysis ke bare me, kya hota hai sleep paralysis
Sleep paralysis experience


Sleep peralysis का कारण
हमारी नींद के चार स्तर होते है और इसके साथ दो अलग अलग अवस्थाएं होती है। REM(rapid eye moment) और NREM(non rapid eye moment). नींद के पहले तीन स्तर NREM में आते है जब की आखरी स्तर REM में आता है। जब हम सोते हे तब हमारी नींद गहरी होती जाती है और इसके साथ नींद के स्तर भी बढ़ते जाते है। पहले तीन स्तर की जो NREM के से जुड़े है उसके पूरे होते ही हम REM अवस्था में आ जाते है। इस समय दौरान हमारे शरीर में से एक ग्लाइसिन नामक न्यूरो ट्रांसमीटर  निकलता है जो शरीर को peralysis कर देता है। इसकी वजह से हम अपने शरीर के अंगों को हिला नही सकते। ऐसा होने की वजह ये है कि जब हम नींद में होते है तो हम अपने शरीर से खुद को ही नुकसान ना दे सके।

अब बात आती है sleep peralysis के होने की। तो जब आप किसी कारण की वजह से नींद में से अचानक उठ जाते हो तब का समय हम तो उठ चुके होते हैं लेकिन हमारे शरीर में निकले हुए ग्लाइसिन की असर रहती है। जिसकी वजह से हम peralysis अनुभव करते हैं। कुछ समय बाद असर खत्म हो जाती है और आप peralysis में से बहार आ जाते हो।

सपने और नींद
कुछ लोगो का ऐसा भी मानना है कि sleep peralisis हमारे सपनों की वजह से होता है। जब हम सपने देखते है तब कोई डरावने सपने की वजह से हमारी आँख खुल जाती है और अपने आसपास कोई अजीब सी आकृति होने का आभास होता है।

वैज्ञानिको कि एक थियरी के अनुसार जब इंसान नींद में से अचानक उठता है तब उसका दिमाग तो सचेत हो जाता है लेकिन इसका शरीर नींद की अवस्था में होता है। जिसकी वजह से कुछ समय के लिए sleep peralisis हो जाता है।

आम तौर पर sleep peralisis एक कुदरती घटना है लेकिन कुछ आदतों की वजह से ए बढ़ जाती है। इन आदतों में जैसे की सोने का अनियमित समय, नशा करना, डरावने सपने और अधूरी नींद जैसा कुछ।

अगर आप भी sleep peralisis के शिकार हुए हे तो डरने की बात नही है। क्योंकि अब तक sleep peralisis की वजह से किसी की मृत्यु नही हुई है। अगर sleep peralisis बहुत ज्यादा होती है तो इससे थोड़ी बहुत मानसिक असर होती हैं।

Sleep peralysis एक डरावना अनुभव है लेकिन एक बार करने जैसा है। मैंने भी ये अनुभव किया है। अगर आपके साथ भी हुआ हो तो मुझे जरूर बताना।

तब तक के लिए अलविदा।

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